सीतापुर। श्री राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भारी वाहनों के डायवर्जन की जिम्मेदारी 75 पुलिसकर्मियों के कंधों पर होगी। यातायात को आसान बनाने के लिए संकेतक बोर्ड यानि साइनेज भी लगवा दिए गये हैं। इससे वाहन चालकों को किसी तरह की समस्या नहीं होगी। एक थाना क्षेत्र में चार स्थानों पर नियत दूरी पर बोर्ड को लगाया गया है। ताकि चालक की नजर पड़े और उसे पहले से ही पता चल जाए कि आगे डायवर्जन है।
श्रीराम जन्मभूमि को लेकर जिले से भारी वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है। ऐसे में शाहजहांपुर से आने वाले वाहनों को महोली से हरगांव की ओर भेजा जाएगा। वहीं सिधौली से भी भारी वाहनों को लखनऊ की ओर से बाराबंकी, आयोध्या, गोरखपुर जाने वाले मार्ग पर रोका जाएगा। उनको बिसवां, महमूदाबाद से रेउसा होते हुए बहराइच भेजा जाएगा। जिले की पुलिस ने डायवर्जन का खाका पहले से ही तैयार कर लिया था।
जिले भर में रूट डायवर्जन को लेकर पांच बिंदु चिन्हित किए गए हैं। इन पांचों बिंदुओं पर हेल्पडेस्क होगी। तीन शिफ्टों में एक प्वांइट पर 15 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एक शिफ्ट में एक उपनिरीक्षक के साथ चार सिपाही तैनात रहेंगे। जो कि भारी वाहन चालकों को डायवर्ट रूट की जानकारी देंगे। इसके साथ ही उन लोगों को भी राह दिखाने का काम करेंंगे, जो अयोध्या की ओर निजी वाहनों से जाना चाहते हैं। यातायात डायवर्जन कराने की जिम्मेदारी इन 75 पुलिसकर्मियों की होगी। जिससे लोगों को समस्या न हो।
संकेतक बोर्ड करेंगे आगाह, बताएंगे डायवर्जन
यातायात निरीक्षक फरीद अहमद ने बताया कि जिले भर में पांच बिंदु महोली, सिधौली, महमूदाबाद, बिसवां और रेउसा बनाए गए हैं। इन क्षेत्रों में संकेतक बोर्ड लगवा दिए गए हैं। एक बिंदु पर चार बोर्ड लगाए गए हैं। जिसमें पहला बोर्ड एक किलोमीटर पर लगा होगा। हरे रंग के बोर्ड पर लाल रंग से रूट डायवर्जन की जानकारी लिखी हुई दिखाई देगी। जिसमें दूरी भी लिखी हुई है। डायवर्जन से 500 मीटर , 250 मीटर पूर्व और डायवर्जन बिंदु पर भी बोर्ड लगा होगा जिससे लोगों को जानकारी मिल सके।