सड़क पर पड़ा मिला शव, शरीर पर थे चोट के निशान
इमलिया सुल्तानपुर (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में एक मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मजदूर रामकोट थाना क्षेत्र में एक ईट-भट्ठे पर काम करता था। उसका शव क्षेत्र में एक सड़क पर लावारिस हालत में पड़ा मिला है। शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। परिवार हत्या का संदेह जता रहा है।
रामकोट थाना क्षेत्र के ग्राम कंपनी पुरवा टिकवा पारा निवासी कमलेश (35) क्षेत्र के अवस्थी ब्रिक फील्ड ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। वह बुधवार सुबह भट्ठे पर काम करने गया था, जिसके बाद लौटकर घर नहीं पहुंचा। परिवारीजनों ने देर रात तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका।
इधर गुरुवार सुबह इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नटौरा के निकट सड़क पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने एक शव पड़ा देखा। मृतक का शरीर जख्मी था। इसको लेकर क्षेत्र के नागरिक हत्या का संदेह जता रहे थे। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।
उस दौरान जब शव की शिनाख्त नहीं हुई, तब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई अज्ञात में दर्ज की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, गुरुवार को कमलेश को तलाश रहे परिवार को इसकी सूचना मिली, तो वे लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। यहां पर कमलेश की पत्नी कमला देवी ने शव की शिनाख्त अपने पति कमलेश के रूप में की।
परिवार भट्ठा मालिक पर आरोप लगा रहा था, कि उनके भट्ठे के मजदूर की मौत हो गई, इसके बावजूद भट्ठा मालिक ने न तो शव को पहचानना जरूरी समझा और न ही परिवार को सूचना दी। शव की शिनाख्त हो चुकी है, इसके बावजूद भट्ठा मालिक ने परिवार से संपर्क नहीं साधा।
परिवार के लोग मजदूर की हत्या कर शव फेंके जाने का संदेह जता रहे हैं। थानाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवार ने कोई तहरीर नहीं दी है। बावजूद इसके घटना के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
कैसे होगी, बच्चों की परवरिश
रामकोट के कंपनी पुरवा निवासी कमलेश के परिवार में उसकी पत्नी कमला देवी, बच्चे मनीषा (10), कपिल (8), पैलिया (6), फूला (4) व मनसुन डेढ़ वर्ष हैं। कमलेश हाड़तोड़ मजदूरी करके अपने परिवार का खर्च चलाता था और बच्चों की परवरिश कर रहा था।
उसकी मौत के बाद उसकी पत्नी कमला पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कमला को जहां अपने पति की मौत का गम है, वहीं बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है। वह रो-रोकर एक बात दोहरा रही थी, कि अब कैसे होगी बच्चों की परवरिश, कौन बच्चों की ख्वाहिशों को पूरा करेगा।
आखिर कैसे नटौरा पहुंच गया कमलेश
कमलेश की मौत तमाम सवाल खड़े कर रही है। अमूमन भट्ठों पर शाम तक ही काम होता है। जिसके बाद मजदूर अपने घर चले जाते हैं। अगर यह कहा जाए, कि वह ईंट लेकर भट्ठे से कहीं गया था, तो उससे अतिरिक्त काम लिया जा रहा था।
वहीं सबसे बड़ी बात यह है कि अगर वह भट्ठे के वाहन से गया और हादसे का शिकार हो गया, तो आखिर वह कौन सी वजह है, जिसके चलते वाहन चालक व अन्य मजदूरों ने चुप्पी साध ली। इमलिया सुल्तानपुर के जिस नटौरा गांव के निकट शव पाया गया है, वह ईंट भट्ठे से करीब 15 किमी तो कमलेश के गांव कंपनी पुरवा से 17 किलोमीटर की दूरी पर है।
ऐसे में कमलेश पैदल तो वहां जा नही सकता। अगर वह ईट लेकर भट्ठे से नहीं निकला तो साफ है कि वह किसी बड़ी साजिश का शिकार हो गया, जिसके चलते उसकी जान चली गई। इस पूरे मामले को लेकर जहां पुलिस पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, वहीं भट्ठा मालिक ने चुप्पी साध रखी है।