सीतापुर। जिले में वृद्धावस्था पेंशन के 4692 लाभार्थी मृतक मिले हैं। यह खुलासा तहसील व ब्लॉक स्तरीय अफसरों की जांच में हुआ है। ये पेंशनर सदर तहसील से लेकर 19 ब्लॉकों के है। इतनी बढ़ी तादाद में मृतकों की संख्या आने से विभाग भी परेशान है। अब विभाग ने इन पेंशनरों के खातों की जांच शुरू करा दी है। अगर किसी के खाते में पैसा पहुंचा है तो उसे बैंक के माध्यम से वापस कराया जाएगा।
जिले में 53114 वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। प्रति वर्ष वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पेंशन के लाभार्थियों की जांच कराई जाती है। उसके बाद ही उनको वित्तीय वर्ष की पहली किस्त दी जाती है। इस साल ब्लॉक में बीडीओ व सदर तहसील में सदर एसडीएम ने पेंशनरों का सत्यापन कराया था। इस सत्यापन मेें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 4692 लाभार्थी मृतक हो चुके है।
यह सदर तहसील से लेकर जिले के सभी 19 ब्लॉकों के है। इतनी अधिक संख्या मृतकों की होने से समाज कल्याण विभाग के होश उड़ गए है। अब विभाग इनके खातों की कुंडली खंगालने में जुट गए हैं। इस जांच में यह देखा जा रहा है कि मृतक होने के बाद इनके खातों में पैसा तो नहीं भेजा गया है।
अगर मरने के बाद खातों में पेंशन की रकम पहुंची होगी तो अफसर लाभार्थी के बैंक को चिट्ठी लिखकर इस रकम को वापस करने को कहेंगे। सबसे अधिक मृतक गोंदलामऊ विकासखंड में 560 मिले है। जबकि सबसे कम मृतक महोली विकासखंड में 42 मिले है। 48422 लाभार्थी जांच में सही पाए गए है। इनको जल्द ही पेंशन ट्रांसफर की जाएगी।
कराई जा रही जांच
वृद्धावस्था पेंशन के तहत 4692 लाभार्थी मृतक हो चुके हैं। इनके खातों की जांच कराई जा रही है। अगर इनके खाते में पैसा पहुंचा होगा तो इसे वापस कराया जाएगा।
- राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी