फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: बैराजों से छोड़ा 4.50 लाख क्यूसेक पानी, खेतों में कटान तेज

विज्ञापन
तराई इलाके में कटान करती नदी। - फोटो : तराई इलाके में कटान करती नदी।
विज्ञापन
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। गांजर के तराई इलाकों में बाढ़ के हालात दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को बैराजों से छोड़े गए 4.50 लाख क्यूसेक पानी ने सरयू व शारदा नदियों के तटीय क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी है। वहीं, जिले में 24 घंटे के दरम्यान हुई 83 मिलीमीटर बारिश से खतरा और बढ़ गया है। सरयू का जलस्तर सोमवार को 118.20 मीटर दर्ज किया गया। यह रविवार की तुलना में 10 सेमी बढ़ा है। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी महज 80 सेंटीमीटर नीचे है। सात गांवों के आसपास पानी तेजी से फैल रहा है। खेतों में फसलें बाढ़ के पानी में डूबी हैं। अखरी, प्यारेपुरवा, बाबाकुटी, निरंजन पुरवा के पास तेज गति से कटान होने लगी है। गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से सोमवार को भारी मात्रा में डिस्चार्ज पानी अभी तक गांजर में नहीं पहुंचा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पानी रात 12 बजे तक शारदा और सरयू नदी में आ जाएगा, इसके बाद नदियों के उफनाने से गांजर में बाढ़ के हालात बेकाबू हो सकते हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद अखरी, प्यारेपुरवा, बाबाकुटी, निरंजन पुरवा के पास कटान के साथ ही अखरी के पास निर्माणाधीन ठोकर की पटाई के लिए निकाली गई मिट्टी से बने गड्ढे में भी पानी भर रहा है। इससे मुख्य सड़क से अखरी गांव को जोड़ने वाली पुलिया क्षतिग्रस्त होने संभावना है।
विज्ञापन

अखरी के अखिलेश ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से यह रास्ता बंद हो सकता है। अंगरौरा के पुत्तू, रमेश, हरि, मंगम, रामनरेश आदि ने बताया कि लगातार बारिश से स्थितियां बिगड़ रही हैं। इससे तटवर्ती 25 गांवों में दहशत बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें