आतिशबाजी के कूड़े से पटीं सड़कें और गलियां
सीतापुर। प्रकाश पर्व की खुशी मनाने में लोग यह भूल गए कि शहर गंदा होगा। दिवाली के बाद समूचे शहर की प्रमुख सड़कें और गलियां आतिशबाजी के कूड़े से पटी पाईं। आफिसों में छुट्टी होने से सफाई कर्मचारियों ने सड़कों पर झाड़ू नहीं लगाई।
इससे चारों तरफ पर कचरा बिखरा रहा। हालांकि कुछ जागरूक लोगों ने जरूर अपने दरवाजों पर आतिशबाजी के बाद फैले कचरे को साफ किया। शहर और गंवई इलाकों को साफ सुथरा बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन का अभियान छेड़ रखा है।
इसको अमली जामा पहनाने के लिए अरबों-खरबों बजट पानी की तरह बहाया जा रहा है। यही नहीं स्वच्छता अभियान के तहत जनता को साफ-सफाई करने का संदेश दिया था। बावजूद इसके लोग मोदी के स्वच्छता अभियान के संदेश को भुलाए बैठे। दिवाली त्योहार पर अपनी खुशियों को रंगीन बनाने के लिए समूचे जिले में लोगों ने करोड़ों रुपये आतिशबाजी में फूंक दिए।
पर इस खुशी में उन्होंने यह कतई संकोच नहीं किया कि उनका शहर गंदा होगा। दिवाली बाद शहरी इलाके में सिविल लाइन, नई बस्ती, आवास विकास, आगा कालोनी, तरीनपुर, विजय लक्ष्मी नगर, आर्य नगर, तामसेनगंज, लोहारबाग, घूरामऊ बंगला, लोहारबाग, होली नगर, गदियाना, प्रेम नगर आदि मोहल्लों की प्रमुख सड़कें व गलियों पर आतिशबाजी का कूड़ा कचरा बिखरा पाया।
जगह-जगह कूडे़ के ढेर भी लगे मिले। जिस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, सरकारी दफ्तरों में अवकाश होने की वजह से सफाई कर्मचारियों ने सड़कों पर झाडू भी नहीं लगाई, हालांकि छुट्टी खत्म होने के बाद गंदे शहर की सफाई के लिए पालिका प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।
पालिका के ईओ निहाल चंद ने बताया कि सरकारी कार्यालय खुलने के बाद गंदे शहर को चमाचम बनाने के लिए अभियान चलेगा। इस अभियान में शहर को साफ सुथरा बनाया जाएगा।