सीतापुर। दिवाली पर कार्बाइड गन के धमाकों ने करीब 300 मरीजों की आंखों को गहरा जख्म दिया है। चिकित्सक इन मरीजों में अधिकतर की रोशनी चले जाने की आशंका जता रहे हैं। इस धमाकों में जख्मी मरीज सीतापुर आंख अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ये मरीज उन्नाव, बहराइच, सीतापुर व अन्य जिलों के बताए जा रहे हैं। इस तरह के अधिक केस आने से अस्पताल प्रशासन भी हैरान है।
आंख अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में कार्बाइड गन से घायल हुए मरीज पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 300 मरीजों का अस्पताल से इलाज शुरू हो गया है। इनमें बच्चे व युवा शामिल हैं। इन मरीजों से पूछताछ में पता चला है कि इन्होंने दिवाली का जश्न मनाने के लिए कार्बाइड गन खरीदकर उससे गोले दागे। गोले की चिंगारी व धुआं उनकी आंखों पर लगा। इससे आंखें बुरी तरह से जख्मी हो गई हैं। चिकित्सक इनकी रोशनी जाने की भी आशंका जता रहे हैं।
यू ट्यूब पर सीखा बनाने का तरीका और बाजार से भी खरीदी
चिकित्सकों का कहना है मरीजों ने बताया कि बाजार से केवल दो सौ रुपये में यह गन खरीदीं थीं। कई युवाओं ने तो यू ट्यूब पर गन बनाने का तरीका देखा और घर पर ही इसे बना लिया। असावधानी से इसे दगाया और आंखें जख्मी हो गईं हैं।
बुरा पड़ा है असर
इलाज करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि पुतली पर बहुत बुरा असर पड़ा है। पुतली काली से सफेद हो गईं हैं। आंखों के ऊपर के बाल जल गए हैं। इससे उनको दिखाई नहीं पड़ रहा है। ऐसे में अब इन मरीजों की आंखों की रोशनी भी जा सकती है। फिलहाल इन सभी का आंख अस्पताल में इलाज चल रहा है।
अधिक आ रहे हैं मरीज
दिवाली से कार्बाइड गन से घायल मरीज आ रहे हैं। इस तरह के मरीज तो हर साल आते थे लेकिन इस बार अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन सभी का ओपीडी के माध्यम से इलाज चल रहा है। पूरी कोशिश की जा रही है कि सभी की आंखें पूरी तरह सुरक्षित हो जाएं।
डॉ. श्रीकांत वाईकर, सीएमओ, आंख अस्पताल सीतापुर