सीतापुर। जिले में राशनकार्ड सत्यापन की प्रक्रिया में अपात्रों के मिलने का सिलसिला जारी है। जिले में 1478 राशनकार्डधारक अपात्र पाए जा चुके है। यह लोग 5600 यूनिट पर प्रति माह करीब 28 हजार किलो राशन ले रहे थे। अब यह राशन सरकार का बच गया है। इस राशन को अब वेटिंग में पड़े लोगों के राशनकार्ड बनवाकर दिया जाएगा। इससे जिला पूर्ति विभाग भी खुश हैं। नये लोगों के राशनकार्ड बनने से उनकी जरूरतें पूरी हो सकेंगी।
जिले में इस समय राशनकार्ड की सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। शहर में नगरपालिका व गांवों में ब्लॉक स्तर के अफसर जांच कर रहे हैं। वहीं तमाम लोग अपने आप को खुद ही अपात्र बताते हुए राशनकार्ड जमा कर रहे हैं। पूर्ति विभाग के मुताबिक मई माह में 1478 लोगों के राशनकार्ड कैंसिल कर दिए गए है। यह लोग राशनकार्ड की श्रेणी में नहीं आते थे।
इन कार्डों पर 5600 यूनिट चढ़ी हुई थी, जबकि एक यूनिट को पांच किलो राशन मिलता है। यह लोग प्रतिमाह करीब 28 हजार किलो राशन उठा रहे थे। अब यह राशन बच गया है तो पूर्ति विभाग खुश है। राशन की मात्रा अधिक होने से अब इसे नये लोगों को देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। राशनकार्ड बनवाने के लिए वेटिंग में खड़े लोगों को इसका लाभ दिया जाएगा। जिससे वह अपनी घर की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगे।
करीब 40 हजार है वेटिंग
जिले में करीब 40 हजार लोग वेटिंग में चल रहे है। इन लोगों ने अपने आप को राशनकार्ड की श्रेणी में बताते हुए कार्ड बनवाने का दावा किया है। अब जब सत्यापन में कार्ड कैंसिल हो रहे हैं तो इनकी जगह पर वेटिंग के लोगों की जांच करके कार्ड बनवाए जा रहे हैं। पूर्ति विभाग का कहना है मई माह में 1286 लोगों के राशनकार्ड बनवाए जा चुके है। जिला पूर्ति अधिकारी संजय प्रसाद ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया में कैंसिल हुए राशनकार्डों की जगह पर अब नये लोगों के कार्ड बनाए जा रहे हैं। लक्ष्य के मुताबिक जिले में राशनकार्ड बनाए जाएंगे।