सीतापुर। मौसम में बदलाव की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं हैं। आलम यह है कि अस्पताल के विभिन्न वार्ड के सभी 270 बेड फुल हो गए हैं। एक बेड पर दो-दो मरीज हैं और अब मरीजों को बेंच पर ही भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल के शिशु रोग वार्ड, महिला वार्ड व मेडिकल वार्ड में सभी बेड फुल हो गए हैं। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को बेड मिलना मुश्किल हो गया है। एक बेड पर दो मरीज भर्ती करने से मरीज और तीमारदार दोनों परेशान हैं।
महिला वार्ड में भर्ती तेंदुआ मानपुर की सुषमा तेज बुखार के चलते भर्ती है। इनके बेड पर ही मूसेपुर परसेंडी की राजेश्वरी भी भर्ती हैं। सुषमा ने बताया कि बेड न होने से बहुत समस्या आ रही है। जब हम सोते हैं तो राजेश्वरी जागती हैं और जब वह सोती हैं तो हमें बैठे रहना पड़ता है।
अस्पताल के बेड पर एक साथ दोनों मरीजों का सोना मुश्किल है। शिशु रोग वार्ड में अब्दुल्ला व गुनगुन, वंश व अरुणेश मिश्रा एक ही बेड पर भर्ती हैं। उनके परिजन भी काफी परेशान हैं। कुछ यही हाल मेडिकल बी वार्ड का भी बना हुआ है। यहां पर मरीज बेंच पर लेटकर इलाज करा रहे हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के बाद भी नहीं मिली राहत
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बृहस्पतिवार को ही अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। चिकित्सकों और मरीजों ने उन्हें बेड नहीं होने की समस्या से अवगत कराया था। निरीक्षण के बाद भी इस समस्या का हल नहीं निकल सका है।
नया भवन बनने तक जारी रहेगी समस्या
जिला अस्पताल में मरीज बढ़े हैं तो बेड की किल्लत हो गई है। जिला अस्पताल का नया भवन बनने के बाद ही इस समस्या का समाधान हो सकेगा।
- डॉ इंदर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
इनसेट
सीएमएस ने किया औपचारिक निरीक्षण
सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने शुक्रवार को अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पैथालॉजी, इमरजेंसी व ओपीडी का जायजा लिया। सूत्रों का कहना है कि सीएमएस के निरीक्षण की स्टॉफ को पहले ही भनक लग गई थी। लिहाजा सभी चिकित्सक ओपीडी में नजर आए। गौरतलब है कि बीते बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ इंदर सिंह खुद ही लेट पहुंचे थे।