लहरपुर (सीतापुर)। तेंदुआ माइनर की पटरी बुधवार देर शाम बरगदहा पुल के करीब कट गई। माइनर का पानी खेतों में भरने लगा। करीब 18 बीघा खेत जलमग्न हो गए। धान व गन्ने की फसल डूब गई। फसल के नुकसान से किसानों में रोष है। अवर अभियंता का कहना है कि सिंचाई के लिए माइनर काटे जाने से पटरी क्षतिग्रस्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी।
क्षेत्र से होकर बहने वाली तेंदुआ माइनर किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। बुधवार देर शाम बरगदहा पुल के निकट तेंदुआ माइनर की पटरी मुजीब और बबलू के खाली पड़े खेत में कट गई। पानी तेजी से आसपास के खेतों में भरने लगा।
किसान नसीम, महेश, सुरेश, गुफरान, शफीक व सत्य प्रकाश की लगभग 18 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। गनीमत रही कि पानी आगे बनी ड्रेन में जा रहा है। इससे अधिक फसलें डूबने से बच गईं। हालांकि, जिन किसानों की फसलें डूबी हैं उनका नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है।
किसानों का आरोप है कि, माइनर की टेल तक सफाई नहीं कराई जाती है। जिसके कारण पूरी क्षमता से पानी आगे नहीं जा पाता है। लिहाजा, पानी के दबाव से पटरी कट जाती है। अवर अभियंता शिव प्रताप यादव ने बताया कि नहर को किसानों द्वारा सिंचाई के लिए काटा गया है। इसलिए पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। जांच कर माइनर काटने वाले किसानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। क्षतिग्रस्त पटरी को शीघ्र दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।