आजादी के बाद 71 साल से विद्युतीकरण की तक रहे थे राह
पिसावां (सीतापुर)। तालगांव के बाशिंदों के लिए सोमवार का दिन दीप पर्व की सौगात लेकर आया। आजादी से यहां के बाशिंदे गांव को बिजली से संतृप्त होने की राह तक रहे थे। पर 71 बरस बाद गांव में बिजली की किरण पहुंची।
ग्राम प्रधान की पहल पर गांव में न सिर्फ दीपावली त्योहार पर घर-घर बिजली के बल्ब जल उठे, बल्कि उनके घरों में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का भी इस्तेमाल शुरू हो गया है। इससे यहां लोगों की खुशी का ठिकाना न था।
बता दें कि जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर पश्चिम हरदोई जिले की सीमा पर तालगांव गांव बसा है। यहां पर करीब 1200 लोग निवास कर रहे थे। देश को आजादी मिलने के बाद यहां के ग्रामीण दशकों से बिजली की बांट जोह रहे थे।
यहां के नागरिक लगातार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों समेत उच्चाधिकारियों से गांव का विद्युतीकरण कराने की मांग कर रहे थे। बावजूद इसके उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी थी मगर यहां के लोगों ने हार नहीं मानीं। लगातार इसके लिए वो संघर्ष करते रहे।
विद्युतीकरण के अभाव में यहां के लोग बिजली की रोशनी को तरस रहे थे। यहां तक की मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को दूसरों के गांव जाना पड़ता था। इसे देखते हुए ग्राम प्रधान सुधा मिश्रा ने गांव का विद्युतीकरण कराने का बीड़ा उठाया।
इस मसले को लेकर वो मुख्यमंत्री से लेकर सांसद, विधायक, डीएम से लगातार मांग करती रही। लेकिन काफी समय बाद उनकी मेहनत रंग लाई। प्रधान पति सत्यदेव मिश्र ने बताया कि गांव में बिजली लाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों के यहां दौड़ते-दौड़ते चप्पलें घिस गईं, तब जाकर के गांव में विद्युतीकरण हो पाया।
समूचे गांव का विद्युतीकरण कराने के बाद सोमवार देर शाम को प्रधान सुधा ने स्विच ऑन कर विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। स्विच ऑन करते हुए घरों में बल्ब जले उठे। इस अवसर पर अमित सिंह, भारत प्रसाद, दीपक कुमार, विमल शुक्ला, राम आसरे मिश्र, जगरूप दिग्विजय, मटरूलाल आदि ने खुशी जाहिर किया।