100 गांव में फिर घुसा पानी, पलायन तेज
रेउसा/थानगांव (सीतापुर)। घाघरा के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। करीब 100 गांव जबरदस्त तरीके से बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
बुधवार तक रेउसा व रामपुर मथुरा विकास खंड क्षेत्रों के 50 गांव दोबारा बाढ़ की चपेट में आ गए थे। बुधवार रात भी पानी आबादी की तरफ बढ़ता रहा। जिसकी वजह से गुरुवार सुबह तक बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों की संख्या 100 पहुंच गई। बाढ़ का पानी रेउसा व थानगांव कस्बे तक दस्तक देता नजर आ रहा है। कोनी गांव में करीब 3 फीट तक बाढ़ का पानी हिलोरे मार रहा है। जबकि रामलाल पुरवा में भी पानी बढ़ता जा रहा है। रामलाल पुरवा में कई परिवारों ने स्कूल की छत पर डेरा जमा लिया है। गांव में लगे मोबाइल टावर परिसर में पानी घुस गया है। ठेकेदार पुरवा गांव के करीब लगा सोलर ऊर्जा का प्लांट भी बाढ़ की जद में आ गया है। मारूबेहड़ से दुर्गा पुरवा जाने वाले मार्ग पर कई जगहों पर सड़क जलमग्न हो गई है। क्षेत्र के बाशिंदों का कहना है कि जलस्तर में अगर इसी तरह से इजाफा होता रहा, तो हालात पहले जैसे हो जाएंगे। दोबारा बाढ़ की दस्तक देख लोगों ने अभी से ही सड़कों की तरफ पलायन शुरू कर दिया है। घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से गुरुवार को 350511 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं सेवता विधायक की पत्नी अंजू तिवारी ने ग्राम अंगरौरा व पंडित पुरवा के कटान पीड़ितों से मुलाकात की और पीड़ित परिवार को भोजन के पैकेट वितरित किए।
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दिमागी बुखार से बालक की गई जान
रेउसा। दिमागी बुखार की चपेट में आए एक बालक ने गुरुवार को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
रेउसा थाना क्षेत्र का ग्राम बजहा बाढ़ग्रस्त गांव है। इस गांव में संक्रामक रोग तेजी से पांव पसार रहे हैं। इसी गांव के निवासी रज्जन का पुत्र बीरू (4) एक सप्ताह पहले दिमागी बुखार की चपेट में आ गया था। परिवार ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था। बीरू ने गुरुवार को ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।