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पुलिस के एक्सन पर वकीलों का रिएक्सन, लखनऊ से आए वकीलों ने आंदोलन को दी रफ्तार

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फोटो 15-25
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लखनऊ से आए वकीलों ने आंदोलन को दी धार
कहा, बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई नहीं रुकी तो पूरे प्रदेश में चलेगा आंदोलन
वकीलों के आंदोलन को लेकर कचहरी परिसर के चारों तरफ मुस्तैद रही पुलिस व पीएसी

सीतापुर। जिला जज के चैंबर में दरोगा की पिटाई व एसपी का मोबाइल छीने जाने की घटना के बाद एक्शन मोड में आई पुलिस के खिलाफ शुक्रवार को वकीलों का रिएक्शन भी नजर आया। लखनऊ की दो बार एसोसिएशन के कई पदाधिकारी व अधिवक्ताओं ने सीतापुर पहुंचकर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में बिगुल फूंक दिया। नतीजतन, कचहरी परिसर में शुरू हुए धरने को भी गति मिलती दिखाई दी। वकीलों के आंदोलन को देखते हुए एडीएम व एएसपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान कचहरी के चारों तरफ मुस्तैद नजर आए।

शहर के आंख अस्पताल के पास सीतापुर अवध क्लब पर बुधवार को डीएम व एसपी की अगुवाई में छापेमारी की गई। इस दौरान भारी मात्रा में शराब, नगदी व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गई। अफसरों ने क्लब को नजूल की भूमि पर अवैध रूप से बना होने का हवाला देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। क्लब के अध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्ता व सेक्रेटरी रामपाल सिंह ने विरोध किया तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट की तहरीर पर क्लब के अध्यक्ष, सेक्रेटरी व एक अन्य पदाधिकारी पर केस दर्ज कर दिया गया।
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इस कार्रवाई से नाराज वकीलों ने जिला जज के चैंबर में मॉनिटरिंग सेल की मीटिंग करने पहुंचे एसपी प्रभाकर चौधरी से बदसुलूकी कर उनका मोबाइल छीन लिया। दरोगा प्रदीप पांडेय की पिटाई कर दी। पुलिस ने सीतापुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष समेत सात नामजद व 12 अज्ञात वकीलों पर लूट, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कर सभी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया।

इसके विरोध में गुरुवार को हंगामी बैठक करने के बाद सीतापुर बार एसोसिएशन ने अगले निर्णय तक रोजाना धरना देने का एलान किया है। इस संबंध में विभिन्न जनपदों से भी सहयोग की अपील की गई थी। जिसके चलते कई जिलों ने अपने यहां न्यायिक कार्य से विरत रहने की जानकारी सीतापुर बार एसोसिएशन को दी है।

इस मामले में लखनऊ बार एसोसिएशन व सेंट्रल बार लखनऊ के सुनील सिंह सिकरवार, सुरेश पांडेय, दीपक यादव, अनुराग दीक्षित सहित कई पदाधिकारी व अधिवक्ता समर्थन देने के लिए शुक्रवार को सीतापुर आए। यहां धरने में शामिल होकर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए अधिवक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा यदि बदले की भावना से की जा रही पुलिसिया कार्रवाई नही रुकी तो सीतापुर का आंदोलन पूरे प्रदेश में व्यापकता के साथ चलाया जाएगा।

उधर ,बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के सीतापुर आने से पुलिस प्रशासन भी चौकस दिखाई दिया। एडीएम विनय पाठक व एएसपी मधुबन सिंह की अगुवाई में कई थानों की पुलिस, पीएसी बल के साथ कचहरी के चारों तरफ किसी भी हालात से निपटने के लिए तत्पर दिखी। सादी वर्दी में भी तमाम पुलिस वाले कचहरी परिसर के अंदर व बाहर तैनात नजर आए। सचिव बार एसोसिएशन राम मोहन पांडेय ने बताया कि फिलहाल अगले निर्णय तक वकीलों का धरना शांतिपूर्वक बार एसोसिएशन परिसर में जारी रहेगा।

जेल भेजे गए वकीलों से नहीं मिल पाए मुलाकाती
जेल भेजे गए अधिवक्ताओं से मुलाकात करने गए उनके परिवाररजनों व अधिवक्ताओं को भी उनसे न मिल पाने की कसक कचहरी की चर्चाओं में रही। स्थानीय और गैर जनपद से आए अधिवक्ताओं ने इस बात पर भी सवालिया निशान खड़ा किया कि आखिर जेल गए वकीलों से मुलाकात करने में क्यों बाधाएं पैदा की जा रही हैं।

प्रभारी मंत्री ने भी प्रकरण पर नहीं दिखाई गंभीरता
अधिवक्ता-पुलिस विवाद प्रकरण में मारपीट व डकैती संबंधित धाराओं की एफआईआर से इतर सीतापुर क्लब को लेकर दर्ज तीन प्राथमिकियों में से दो में भाजपा अध्यक्ष अजय गुप्ता के सगे भाई विजय गुप्ता की भी नामजदगी होने से शुक्रवार को इस बात की संभावनाएं भी दिखीं कि प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा की मौजूदगी में यह मुद्दा गर्मजोशी से उठेगा। लेकिन पत्रकारों द्वारा यह प्रकरण प्रभारी मंत्री के सामने उठाए जाने पर वे टालमटोल के अंदाज में नजर आईं। उन्होंने सिर्फ यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि अफसरों से बात करूंगी।

पुलिस कर्मियों की अघोषित हड़ताल भी रही चर्चा में
सीतापुर क्लब पर छापेमारी के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं को गिरफ्तार कर कोतवाली में बैठाए जाने से पनपे विवाद के बाद जिले के इतिहास में पहली बार पुलिस महकमा भी कचहरी से जुड़े कार्यों में अघोषित हड़ताल पर रहा। जिसकी न सिर्फ वकीलों के मध्य बल्कि न्यायिक कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच भी काफी चर्चा रही। दरअसल, पहली बार विभिन्न अदालतों में काम करने वाले कोर्ट मोहर्रिर व अभियोजन की थाना वार पैरवी करने वाले पुलिस के पैरोकार गुरुवार को कचहरी में नजर नहीं आए थे। हालांकि शुक्रवार को कुछ पुलिस कर्मी कचहरी परिसर में अपने तैनाती स्थान पर जरूर दिखाई दिए।

आरोपी वकीलों की जमानत पर सुनवाई आज
पुलिस-वकील विवाद में जेल गए दोनों आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई अब शनिवार को होगी। मालूम हो, कि निचली अदालत से जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त होने के बाद सत्र न्यायाधीश की अदालत में जेल गए आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र शुक्रवार को वकीलों की ओर से प्रस्तुत किया गया। जिस पर अभियोजन को एक दिन का मौका प्रदान करते हुए न्यायाधीश ने 3 नवंबर के लिए मुकर्रर कर दी।
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महमूदाबाद, मिश्रिख व सिधौली के वकीलों ने भी की हड़ताल
जिले की तहसील महमूदाबाद, मिश्रिख व सिधौली के वकील भी सीतापुर बार एसोसिएशन के समर्थन में हड़ताल पर चले गए हैं। महमूदाबाद लायर्स एसोसिएशन के महासचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सीतापुर के अधिवक्ताओं के समर्थन में महमूदाबाद लायर्स एसोसिएशन द्वारा दो दिनों तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का फैसला लिया है। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने कोई भी न्यायिक कार्य नहीं किया। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगें। मिश्रिख बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबक्स सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में सीतापुर के वकीलों का समर्थन करते हुए हड़ताल की गई है। निर्णय नही होने तक हड़ताल जारी रहेगी। सिधौली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामपाल भार्गव व महामंत्री प्रदिप शुक्ला के नेतृत्व मे शुक्रवार को सभागार में बैठक कर सर्वसम्मति से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया। वकीलों ने धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी एसडीएम एसआर फारूखी को सौंपा। जिसमें एसपी प्रभाकर चौधरी को बर्खास्त किए जाने की मांग की गई है।
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