सीतापुर। जिले में अब कोई ऐसा गांव नहीं है, जहां पर बिजली न हो। पावर कॉर्पोरेशन की सौभाग्य योजना के तहत हर गांव में करंट फैल चुका है। वहीं इनमें 704 ऐसे मजरे भी हैं, जहां पर पहली मर्तबा आजादी के बाद बिजली पहुंची है। इससे इन गांवों के लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। दो बरस पहले सौभाग्य योजना शुरू की गई थी।
योजना में जिले के हर गांव में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिस समय योजना शुरू हुई थी, उस समय जिले में 704 ऐसे मजरे थे। जहां पर आजादी के बाद भी बिजली की रोशनी नहीं पहुंची थी। पावर कॉर्पोरेशन ने इन गांवों में विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया।
उसके बाद एक-एक करके सभी मजरों में विद्युतीकरण कर दिया। इन पर 7102 लाख रुपये खर्च किए गए है। अब इन सभी मजरों में बिजली पहुंची गई है। यहां के बाशिदें इस रोशनी को पाकर बहुत ही खुश हैं। वहीं, अफसरों का कहना है कि कनेक्शन देने की प्रक्रिया चलती रहेगी।
इन गांवों में मनाया जाएगा उत्सव
जिले के हर गांव में बिजली पहुंच चुकी है। इससे जिले को सौभाग्यशाली घोषित कर दिया गया है। अब यहां पर उत्सव मनाया जाएगा। जिसके जरिए अफसर व जनप्रतिनिधि 22 माह की उपलब्धियां गिनाएंगे। विद्युत वितरण खंड प्रथम के महोली ब्लॉक के ब्रम्हावली में विधायक शशांक त्रिवेदी, द्वितीय खंड के सिधौली के रसूलपुर में सांसद कौशल किशोर, मछरेहटा के भदेभर में विधायक रामकृष्ण भार्गव, विद्युत वितरण खंड बिसवां के हरगांव के बेलीथारा में विधायक सुरेश राही, बेहटा विकासखंड के नवाब का पुरवा में सांसद राजेश वर्मा, जफराबाद में विधायक महेंद्र यादव, विद्युत वितरण खंड महमूदाबाद के कमलापुर में बीजेपी प्रतिनिधि आशा मौर्या व रेउसा के कांतापुरवा में विधायक ज्ञान तिवारी उत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर उपलब्धियां बताएंगे।
पूरा जिला हुआ सौभाग्यशाली
अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि सौभाग्य में 1.97 लाख कनेक्शन के साथ पूरा जिला सौभाग्यशाली हो चुका है। 5275 मजरों का विद्युतीकरण किया गया है। पांच उपकेंद्रों का निर्माण हुआ है। छह उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई है। एक नवीन पारेषण उपकेंद्र की स्थापना हुई है। तीन पारेषण उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई है। नए कार्य में तीन नए उपकेंद्र व एक पारेषण उपकेंद्र का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।