तूने इस्लाम पर एहसान किया है जैनब...
हल्लौर स्थित अब्बास मंजिल पर आयोजित हुआ जैनब-डे का कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। हजरत इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनके पैगाम को दुनिया तक पहुंचाने वाली और परिजनों की निगहबान बहन जनाबे जैनब की याद में 11 मोहर्रम सोमवार को जैनब-डे का कार्यक्रम हल्लौर स्थित अब्बास मंजिल पर आयोजित किया गया।
उलेमा ने जनाबे जैनब की जिंदगी और किरदार पर तकरीर के जरिए रोशनी डाली। शायरों ने कलाम के जरिए जनाबे जैनब को नजराना-ए-अकीदत पेश किया। महमूद अब्बास रिजवी द्वारा आयोजित 50वें जैनब-डे का आगाज अरमान हैदर आरजू ने कलाम पाक की तिलावत से किया। इसके बाद बच्चों की नौहाख्वानी और तकरीर का कार्यक्रम हुआ, जिसमें कई बच्चों ने हिस्सा लेकर अपना हुनर दिखाया। जिनका हौसला आफजाई करने के लिए इकबाल रिजवी और हाशिम रिजवी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। तकरीर में मौलाना कुमेल, जमाल हैदर, जानशीन अहमद, मो. अत्तरण हबीबुल हसन और जिगर हल्लौरी हैदर ए कर्रार ने संबोधित करते हुए जनाबे जैनब की जिंदगी और किरदार पर विस्तार से रोशनी डाली। जाकिर ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनके पैगाम को दुनिया तक पहुंचाने का काम जैनब ने किया। यजीदी लश्कर के हर जुल्मों सितम को बर्दाश्त कर इमाम हुसैन के परिजनों को हिफाजत करने का काम उनकी बहन ने बखूबी किया। सेमिनार के बाद शायरों के मुसालमें का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें मशहूर शायर दर्द हल्लौरी, सज्जाद हल्लौरी, शमशाद, नफीस, अम्मार, हैदर, शहजादा तस्कीन, खुलूस, हसन जमाल, अजीम सज्जादी, शादाब, जांबाज, तारिक, मोजिज आदि शायरों ने अपने कलाम पेश किए।