इटवा। डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज इटवा में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के छठे दिन शनिवार को महाविद्यालय की दोनों इकाइयों स्वामी विवेकानंद और डॉ. राम मनोहर लोहिया इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्राचार्य डॉ. अष्टभुजा पाण्डेय ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक दायित्व को अपनाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवन कुमार पाण्डेय ने कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिविर के दौरान मिले अनुभवों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना ही इसकी वास्तविक सफलता है।
इस दौरान महाविद्यालय के रसायनशास्त्र के प्रवक्ता डॉ. नुरुल हसन ने ‘विज्ञान और प्रकृति’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान के सिद्धांत प्रकृति के संतुलन और मानव जीवन को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से विज्ञान की समझ विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रवक्ता आज़म खान, विवेक तिवारी, अंकित चौबे, सूर्य प्रकाश मणि त्रिपाठी, नवनीत शुक्ला, विजेंद्र, अमित त्रिपाठी और बृजेश जायसवाल आदि उपस्थित रहे।