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मातम में बदली खुशियां: बहन की हल्दी में नाचते-नाचते गिरा भाई और चली गई जान, घर में शव रखकर हुई शादी

Wed, 15 Mar 2023 02:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।

सार

दुल्हन की हल्दी के रस्म में नाच रहे भाई की अचानक मौत की खबर के बाद दुल्हन पूजा, अपने भाई के शव के पास बैठी रही। उसे एकटक देखकर रोती रही। शादी के बाद सुबह विदाई के समय दुल्हन अपने भाई के शव से लिपट कर दहाड़ मार कर रोती रही। वह रोते-रोते यही कह रही थी कि आंखें खोलो बाबू! मैं जा रही हूं।
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के चिल्हिया कस्बे में गमगीन बैठे परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
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सिद्धार्थनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां चिल्हिया कस्बे में शादी के दिन दुल्हन को हल्दी लग रही थी। खुशी में नाच रहे भाई की अचानक मौत हो गई और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों ने शव को घर में रखकर शाम के समय आए बरातियों का दिल पर पत्थर रखकर स्वागत किया और विवाह की रस्में पूरी कराकर दुल्हन और बरातियों को विदा कर दिया। उसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।

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चिल्हिया कस्बे निवासी लोचन गुप्ता ने अपनी पुत्री की शादी जनपद गोरखपुर के सिंघोरवा गांव में तय की थी। 13 मार्च दिन सोमवार को विवाह का होना निश्चित हुआ था। सोमवार शाम को बरात आनी थी। दिन में दुल्हन को हल्दी लगाने की रस्म चल रही थी। घर में होम थियेटर पर गाना बज रहा था।



 

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किशोर, किशोरियां व महिलाएं नाच रही थीं। दुल्हन का भाई बैजू (19) भी खुशी में नाच रहा था। वह नाचते-नाचते गिर गया और बेहोश हो गया। परिजन आनन-फानन उसे जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। उसके बाद परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, उसकी मौत दिल का दौरा व सिर की नस फट जाने से हुई।

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इधर, दुल्हन के भाई की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। मंगल गीत गा रहीं महिलाएं बिलखने लगीं। देखते ही देखते शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। यह घटना सुनकर दूल्हे की तरफ के लोग कुछ रिश्तेदारों को लेकर चिल्हिया पहुंचे और शादी की रस्में पूरी कराईं। दुल्हन के पिता ने सुबह चार बजे अपनी बेटी व बरातियों को विदा करने के बाद बैजू के शव का अंतिम संस्कार किया।

...आंखें खोलो बाबू मैं जा रही हूं
दुल्हन की हल्दी के रस्म में नाच रहे भाई की अचानक मौत की खबर के बाद दुल्हन पूजा, अपने भाई के शव के पास बैठी रही। उसे एकटक देखकर रोती रही, यह देखकर परिजन व शादी में आए लोग दहाड़ मार कर रोने लगे। मंगलवार को सुबह विदाई के समय दुल्हन अपने भाई के शव से लिपट कर दहाड़ मार कर रोती रही। वह रोते-रोते यही कह रही थी कि आंखें खोलो बाबू! मैं जा रही हूं।
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