बकाया मानदेय का भुगतान, केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा सहित अन्य मांगों के समर्थन में आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठ गईं। कलेक्ट्रेट परिसर में आंदोलन कर रहीं आशाओं ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
कहा कि अगर मांगी पूरी नहीं की गईं तो 27 मार्च से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।एनएच अजनबी शिक्षा ग्राम विकास संस्थान के बैनर तले अनशन पर बैठीं आशाओं को संबोधित करते हुए आशा संघ की अध्यक्ष दुर्गेश नंदिनी पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं कर रहे है।
आशाओं के हिस्से का पैसा विभागीय कर्मचारी डकार गए हैं। बार-बार आंदोलन के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही। अब 27 मार्च तक शासन-प्रशासन कार्रवाई नहीं करता तो आमरण अनशन होगा।
आशा संघ की प्रदेश अध्यक्ष रीता गोस्वामी ने कहा कि आए दिन की हड़ताल, धरना-प्रदर्शन से आशा वर्कर आजिज हो चुकी हैं। इससे अच्छा है सरकार इच्छा मृत्यु दे दे।
महिला जागो-हक मांगो प्रकोष्ठ की सह प्रदेश अध्यक्ष कामिनी ने कहा कि आशाओं के बकाए धन का ब्याज समेत भुगतान होना चाहिए। ब्लाक अध्यक्ष गिरजेश सिंह ने आशाओं के मानदेय वृद्धि की मांग की।
अनशन में विंध्यवासिनी, जन स्वास्थ्य रक्षक संघ के अदालत हुसैन, अमीमुन्निशा, बुद्धन, सत्यावती, राधिका यादव, सुंदरी, किरण कौशल, रिंकी वर्मा, शर्मिला शुक्ला, ललिता, चंदा गुप्ता, सुशीला, सोना, सरिता देवी, संगीता शर्मा, सुमन, रेनू, मांडवी पांडेय, शाहजहां, बसंती, उर्मिला, ज्ञानमति आदि शामिल रहे।