सिद्धार्थनगर। उर्दू शिक्षकों की काउंसिलिंग शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर
की गई। कई जिलों के प्रशिक्षुओं ने काउंसिलिंग कराई। इस दौरान कई विभागीय
खामियां सामने आईं।
कार्यालय पर चस्पा सूची गड़बड़ी से पटी रही।
पात्र अभ्यर्थी भटकने को मजबूर होते रहे। चस्पा सूची में बीटीसी व मौअल्लिम
डिग्री धारकों के लिए हुए इस काउंसलिंग सूची में एक नाम ऐसा भी दिखा जिसकी
जन्मतिथि 1988 रही। नियमानुसार 1996 तक मौअल्लिम हुए लोग ही आवेदन कर सकते
थे।
ऐसे में आठ वर्ष की उम्र में मौअल्लिम डिग्री को प्राप्त करना
संभव नहीं है। कांउसिलिंग के लिए कुल 132 सीटों पर 360 अभ्यर्थियों ने
आवेदन किया था। इसके पूर्व 2013 में उर्दू शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया हुई
थी।
सुबह से ही दूर -दराज के जिलों से काउंसलिंग कराने आए लोगों की
भीड़ बीएसए कार्यालय पर जमा रही। सुबह से ही लोग लंबी लाइनों में लगे रहे।
विभाग
ने कांउसिलिंग के लिए सीमित कांउटर बनाए जिससे अभ्यर्थियों को दिक्कतों का
सामना करना पड़ा। पीलीभीत, संभल, मुरादाबाद आदि जिले से आए लोगों ने
बताया कि कांउटरों की संख्या कम होने के कारण वापस लौटने में परेशानियों का
सामना करना पड़ सकता है।