ग्राम पंचायत लुचुइयां में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा गुरुवार से शुरू हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश पूजन के साथ कथा शुरू कराई गई। इससे पहले बैंड-बाजे के साथ कलशयात्रा निकाली गई।
दोपहर एक बजे गांव से भारी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे कलश में डोई नदी से जल भरने के लिए बैंड-बाजे के साथ कलशयात्रा निकला। डोई नदी पर विधि विधान से कलश में जल भरने के बाद महिलाएं भाष्कर देवता को नमन करने के बाद कलश लेकर पूजा स्थल पर पहुंची।
वृंदावन धाम के संतोष महाराज ने मंत्रोच्चार के साथ कलश का पूजन करा कर श्रीमद्भागवत कथा पुराण का शुभारंभ कराया। पंडित संतोषजी महाराज ने कहा कि भागवत कथा गुणकारी होता है, इस कथा को सुनने मात्र से आत्मा को चौरासी लाख योनियों में भटकने से छुटकारा मिल जाता है और वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त हो जाता है।
इससे जीवन में हुए जाने-अंजाने में पाप का नाश हो जाता है।
क्षेत्र और समाज में सुख और समृद्धि का वास होता है तथा कुरीतियों का दमन स्वत: हो जाता है। भगवान की कथा से लोगों में अच्छाई के मार्ग पर चलने की शक्ति मिलती है और बुराइयों से निपटने का हौसला बढ़ता है।
ग्राम प्रधान डॉ. पवन मिश्र ने बताया कि गांव व क्षेत्र की खुशहाली के लिए विगत चार वर्षों से श्रीमद भागवत कथा पुराण का आयोजन करवा रहा हूं। इससे मन को शीतलता मिलती है। इस दौरान श्रवण मिश्र, रामशंकर शुक्ल, राजेश शुक्ल, बालमुकुंद मिश्र, इंद्रमणि, राजकुमार चौरसिया, गीता मिश्रा, रामधनी, रविंद्र, फूलचंद, अनिल, गोविंद, भोलू, दिलीप, संतराम, जगदीश विश्वंभर, राजेश चौरसिया, रामजोत, नागेंद्रनाथ उपाध्याय, बबलू उपाध्याय, प्रताप, निर्मला, आरती, जानकी, ज्ञानमती, मालती, नेमा आदि मौजूद रहे।