संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले के 169 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे बिजली तार को हटाने के लिए शासन से 1.89 करोड़ का बजट स्वीकृत हो गया है।
साथ ही विद्युत तार हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इससे स्कूली छात्रों को अब बिजली तार के टूटकर गिरने से होने वाले हादसे का भय नहीं सताएगा। तार हटने से विद्यालय शिक्षक, छात्र व अभिभावक राहत की सांस लेंगे।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले मासूमों पर मौत का दूत बनकर बिजली तार गुजर रहे हैं। तार नहीं हटने से लोगों के मन में हर समय हादसे खौफ रहता है। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जहदा मुस्तहकम में 109 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें प्रतिदिन करीब 75 से 80 बच्चे उपस्थित रहते हैं। स्कूल परिसर से गुजर रहे हाईटेंशन तार के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी तरह क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बुढ़ियाटायर के परिसर में लगा ट्रांसफाॅर्मर व उसके साथ जुड़े हाईटेंशन तार का एक जाल सा बना हुआ है।
विद्यालय में पंजीकृत 98 बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन अवकाश व खेलते समय हादसे की संभावना बढ़ जाती है। वहीं बिस्कोहर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र व नगर पंचायत बिस्कोहर के सिकरा बुजुर्ग में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बाउंड्री के अंदर परिसर में लगे पेड़ की बीच से और ग्राम पंचायत मुड़ीला मिश्र के टोला सेमरा डिहवा स्थित प्राथमिक के बाउंड्री के अंदर से गुजरी हाईटेंशन विद्युत तार से हर समय खतरा मंडराता रहता है। लोगों के अनुसार कभी कोई पक्षी तार से टकराता है तो तार से चिंगारी निकलने लगती है, ऐसे में दहशत फैल जाती है।
इन विद्यालयों के शिक्षक व अभिभावकों ने बिजली तार हटाए जाने की जानकारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनके बच्चों पर मंडराने वाला खतरा समाप्त हो जाएगा।