कठेला गर्वी में खड़ी गेहूं की फसल में लगी आग को बुझाते ग्रामीण। संवाद
सिद्धार्थनगर। जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में आगलगी की घटनाओं में 52 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आगे बुझाने में किसानों और ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ी। इटवा तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में बृहस्पतिवार को चली तेज हवाओं के बीच लगी आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। आग की चपेट में आकर करीब 37 बीघा खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे कई किसानों के सामने चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, इटवा-बढ़नी मार्ग के पूरब स्थित गांव पकड़ी चौधरी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते बड़े रक्बे को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन लपटें बेकाबू रहीं। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, तब तक पकड़ी चौधरी, भगौसा, जूडीकुइया, मैना और कठेला गर्वी गांवों में भारी नुकसान हो चुका था।
इस आगजनी में दिलीप पाठक और उनके भाई, बब्बू चौधरी, झिन्नू चौधरी, हन्नान, मन्नान, हुसई और पुसई समेत कई किसानों की फसल जल गई। इनमें करीब 25 बीघा फसल पकड़ी चौधरी क्षेत्र में और 12 बीघा कठेला गर्वी में प्रभावित हुई।
नायब तहसीलदार राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि आग बड़े क्षेत्र में फैली थी। कुछ किसानों की फसल पहले ही कट चुकी थी, जिससे उनके खेतों में पड़े डंठल जले हैं।