नेपाल से जुड़े सूत्रों की माने तो नेपाल के बुटवल के लिए दिल्ली की स्पेशल बस चलती है। 12 मई को भी एक बस बुटवल से दिल्ली गई थी। आशंका है कि सीमा हैदर पोखरा से बुटवल पहुंची हो और स्पेशल बस में सवारी होकर खुनुवां होते हुए भारतीय सीमा में प्रवेश कर गई होगी।
यह बस उसके लिए इसलिए सुरक्षित है कि इसमें खुनुवां बार्डर पर पहुंचने के बाद सामान की चेकिंग नहीं होती है। न ही सवारियों की चेकिंग की जाती है। अगर चेकिंग होती तो सीमा लांघने से पहले सीमा पुलिस के हत्थे चढ़ गई होती।
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बस के लिए बनने वाली लिस्ट से चल सकता है पता
जानकारी के अनुसार, नेपाल के बुटवल से जो बस चलती है, उसमें सवार होने वाले यात्रियों की लिस्ट तैयार की जाती है। यह लिस्ट सबसे पहले नेपाल के सोठवली भंसार कार्यालय में बनाई जाती है। खुनुवां बार्डर पर पहुंचने के बाद एक लिस्ट सुरक्षा एजेंसी को और एक लिस्ट कस्टम कार्यालय को बस के परिचालक की ओर से दी जाती है, ताकि अगर कोई घटना हो तो लिस्ट के जरिए जानकारी मिल सके। इस लिस्ट के बारे में जब जानने की कोशिश की गई तो कस्टम और सुरक्षा एजेंसी के जिम्मेदारों ने कहा कि इसके बारे में किसी बाहरी व्यक्ति को जानकारी नहीं दी जाती है। मंत्रालय के मांगने पर सूची दी जाती है।
सीमा हैदर ने एसटीएफ की पूछताछ में पोखरा से खुनुवां होकर सिद्धार्थनगर की सीमा में प्रवेश करने की बात कही है। जबकि पोखरा से महराजगंज जनपद का सोनौली बार्डर नजदीक है। पोखरा से उसकी दूरी 160 किलोमीटर है। वहीं, पोखरा से खुनुवां बार्डर की दूरी 200 किलोमीटर है।
ऐसे में सावल यह है कि आखिरी सीमा हैदर ने खुनुवां बार्डर को ही क्यों चुना? जबकि सोनौली के लिए नेपाल से तमाम साधन हैं। कहीं ऐसा तो नहीं है कि सीमा ने भारत में प्रवेश करने वाले हर रास्ते के बारे में जानकारी लेने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल किया? या फिर कोई उसके संपर्क में था, जो सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए इस रास्ते से होकर जाने के लिए उसे जानकारी दे रहा था?
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सूत्रों की मानें तो सीमा हैदर का कनेक्शन खुनुवां बार्डर से जुड़ने के बाद खुफिया विभाग की कई एजेंसियों ने सरहद पर डेरा जमा लिया है। बृहस्पतिवार को वह नेपाल से भारत और भारत से नेपाल में कड़ी से कड़ी जोड़ते रहे। कुछ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे को भी खंगाला गया।
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सिद्धार्थनगर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने कहा कि सीमा पर जांच की जा रही है। सीमावर्ती थानों की पुलिस के अलावा एसएसबी के जवान भी चेकिंग कर रहे हैं। अभी तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं आया है। फिर भी जांच तेज कर दी गई है। हर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
एसएसबी 43वीं वाहिनी कमांडिंग अधिकारी शक्ति सिंह ने कहा कि एसएसबी की ओर से हमेशा चेकिंग की जाती है। सीमा पार से आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर निगाह रहती है। संदिग्धों से पूछताछ भी की जाती है। रही बात पाकिस्तानी महिला के मामले में तो इस संबंध में चेकिंग या जांच के लिए अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिला है।