सिद्धार्थनगर। फसलों में कीट-रोग के नियंत्रण के लिए किसानों को अब बार-बार कृषि विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। मोबाइल व्हाट्सएप उनकी मदद करेगा। व्हाट्सएप के जरिए किसान सीधे कृषि विशेषज्ञों से जुड़ेंगे। अपनी समस्या बताकर उसका समाधान ले सकेंगे।
किसानों की सहूलियत के लिए कृषि विभाग ने यह नई व्यवस्था शुरू की है। व्हाट्सएप पर आने वाली शिकायतों के सही व त्वरित निस्तारण पर निगरानी रखने के लिए इसे पोर्टल पर भी अपडेट किया जाएगा।
कृषि कार्य में सबसे बड़ी दिक्कत फसलों को कीट-रोग के प्रकोप से सुरक्षित रखने में आती है। मौसम में थोड़ा बदलाव आते ही फसलों पर कीट-रोग असर दिखाने लगते हैं, जिस पर तुरंत नियंत्रण न होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
फसलों पर कीट-रोग के लक्षण दिखने के बाद किसान जब तक मुख्यालय पहुंचकर कृषि विभाग के अफसरों, विशेषज्ञों को पौधे की स्थिति दिखाता है और उसका उपचार लेकर खेत में अपनाता है, तब तक कीट-रोग काफी प्रभाव डाल चुके होते हैं।
यह परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब ऐन वक्त पर अफसर उपलब्ध नहीं हो पाते। किसानों की इस समस्या को दूर करते हुए विभाग ने अब व्हाट्सएप की सेवा शुरू की है। फसल में बदलाव दिखते ही किसान तत्काल इसकी तस्वीर व्हाट्सएप पर अपलोड कर विभाग के तय नंबरों पर भेज देंगे।
इसका अध्ययन कर कृषि विशेषज्ञ चंद घंटों में उपचार किसानों को बता देंगे। इस पूरी प्रक्रिया को उन्हें विभाग के पोर्टल पर भी अपडेट करना होगा, ताकि अधिकारी और किसान उससे रूबरू होते रहें। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से किसानों को कीट-रोग से होने वाले नुकसान रोकने में काफी मदद मिलेगी।