हियुवा की बैठक को संबोधित करते राघवेंद्र प्रताप सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
क्षेत्र के मन्नीजोत चौराहे पर हियुवा कार्यकर्ताओं की बैठक रविवार को हुई। इसमें 8 अप्रैल को भारतीय नववर्ष को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान अंग्रेजी नववर्ष का विरोध जताते हुए वक्ताओं ने पश्चिमी सभ्यता का त्याग करने पर जोर दिया।
बैठक में हियुवा के प्रदेश प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत मेें सभी धर्म व जाति के लोगों को अपने-अपने धर्म के मुताबिक पूजा-पाठ करने की छूट है। कुछ लोग इसका छूट का दुरुपयोग कर रहे हैं।
सांसद जैसी गरिमामयी पद पर आसीन होकर औवेसी ने भारत माता की जय न कहने का बयान देकर खुद को देशद्रोही की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। सिंह ने कहा कि मस्जिदों के साथ ही अब कुछ अराजकतत्व अपने धर्मस्थलों पर पर लाउडस्पीकर लगाने का काम कर रहे हैं।
इसका उदाहरण मसिना व भग्गोभार गांव है। मन्नीजोत के क्षेत्रवासियों को इसे लेकर सजग रहना पड़ेगा। लवकुश ओझा ने कहा कि सभी हिंदू समुदाय के लोग आपसी भेदभाव मिटाकर एकजुट होकर एकता का एहसास कराएं।
उन्होंने सभी हिंदू परिवारों से 8 अप्रैल को अपने घरों पर केसरिया झंडा लगाकर दीप प्रज्जवलित कर भारतीय नववर्ष मनाने का आह्वान किया। बैठक की अध्यक्षता भनवापुर ब्लॉक अध्यक्ष ओपी तिवारी व संचालन संजय मिश्रा ने किया। इस मौके पर लालजी शुक्ला, रामप्यारे यादव, रामचंद्र गौतम, विश्वनाथ गुप्ता, सुरेश वर्मा, दिनेश मिश्रा, कृष्ण कुमार, मनीष, राहुल सिंह, छोटू तिवारी, घनश्याम गोंड़ आदि मौजूद रहे।