कल तक जिन्हें लोग अंगूठा छाप कहते थे, अब वह भी साक्षर हो गए हैं। रविवार को जिले के हजारों महिलाओं-पुरुषों ने बुनियादी साक्षरता परीक्षा देकर यह मुकाम हासिल कर लिया। इनमें कई उम्र के अंतिम पड़ाव पर थे तो कई नाती-पोतों के साथ परीक्षा देने पहुंचे। जिले के 14 ब्लॉकों में 999 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित हुई। 22 मार्च को मूल्यांकन के बाद इसका रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
साक्षर भारत मिशन के तहत आयोजित बुनियादी साक्षरता परीक्षा में ऐसे वयस्क शामिल हुए, जो अब तक निरक्षर रहे हैं। प्रेरकों की प्रेरणा से जागरूक हुए महिला-पुरुषों ने ककहरा सीखने के बाद रविवार को अपनी साक्षरता साबित करने के लिए परीक्षा दी।
परीक्षा के लिए जिले में कुल 998 केंद्र बनाए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर 90 वयस्क साक्षरों की परीक्षा कराने का लक्ष्य दिया गया था। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सील कर बीआरसी भेज दिया गया है।
विकास खंड बर्डपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय काशीपुर (बर्डपुर नंबर-12) में प्रधानाध्यापक-सचिव अब्दुल अजीज की देखरेख में परीक्षा कराई गई। कुल 90 परीक्षार्थियो में से 70 महिला और 20 पुरुष प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
परीक्षार्थी के रूप में जंतुन्निशा, शकरुन्निशा, शहनाज, किस्मती, उर्मिला, केशरी, यासीन शामिल हुए। इस दौरान ब्लाक समन्वयक शमा फरजाना ने भी लोक शिक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कक्ष निरीक्षक शकुंतला यादव व रामदेव प्रसाद के दायित्व के निर्वहन में ईमानदारी के साथ शिक्षण कार्य विद्यालय के अनुदेशक मधुरकर मंजुल, विजय लक्ष्मी ने सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।