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नए प्रधानों के लिए पाठशाला बना प्रशासन का वाट्स ग्रुप

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नए प्रधानों के लिए पाठशाला बना प्रशासन का वाट्स ग्रुप
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-कोरोना काल में ग्राम प्रधानों को घर बैठे मिल रही योजनाओं की जानकारी
-तहसील और ब्लॉक वार ग्राम प्रधानों का बना है ग्रुप, जारी है संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना काल में हुए ग्राम पंचायत चुनाव में संक्रमण का खामियाजा भुगतने वाले
जिला प्रशासन ने प्रधानों से संवाद के लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाया है। घर बैठे ही प्रधानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है। पहली बार चुने गए ग्राम प्रधानों के लिए प्रशासन का वाट्स ग्रुप पाठशाला बन गया है। जिले में 1136 ग्राम पंचायतें हैं। कोरोना काल में सभी ग्राम प्रधानों के साथ आमने-सामने बैठकर संवाद करना जोखिम पूर्ण था, इसलिए जिला प्रशासन ने तहसील और ब्लॉक वार वाट्स एप ग्रुप बना दिया है। इसके माध्यम नए शासनादेश के साथ विभिन्न प्रकार की योजनाओं से वे रूबरू हो रहे हैं। इस पहल से गांव के विकास की रफ्तार तेज होगी और पात्रों को सरकारी योजनाओं को आसानी से लाभ मिलेगा। महत्वपूर्ण बात है कि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी प्रधानों को गलत जानकारी देकर गुमराह नहीं कर सकेगा।
जूम एप से संवाद
डीएम दीपक मीणा और सीडीओ पुलकित गर्ग ग्राम प्रधानों से संवाद कर रहे हैं। जूम मीटिंग के जारिए ग्राम प्रधान इसमें शामिल हो रहे हैं और उन्हें मीटिंग की सूचना भी वाट्स ग्रुप के जरिए मिल रही है। फिलहाल एकतरफा संवाद हो रहा है, जबकि कुछ दिनों बाद इसके माध्यम से प्रधानों के सवालों का जवाब भी दिया जाएगा। सभी 14 ब्लॉकों में प्रधानों के साथ डीएम, सीडीओ का संवाद हो चुका है, जबकि पांच तहसीलों का ग्रुप भी प्रशासन और प्रधानों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है।
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काम नहीं हुआ तो शिकायत भी
जूम एप के माध्यम से मीटिंग में जुड़ने वाले ग्राम प्रधान अब वाट्स एप ग्रुप में अपनी शिकायतें भी भेज रहे हैं। डीएम ने निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से आ रही प्रधानों की शिकायतों का निस्तारण किया जाए, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने की नौबत न आए।
प्रधानों की राय
प्रशासन ने वाट्स ग्रुप बनाकर अच्छी पहल की है। कोरोना काल में यह ग्रुप ज्यादा उपयोगी हो गया है। इसमें पंचायती राज विभाग के सभी शासनादेश पढ़ने को मिल रहा है। योजनाओं की पूरी जानकारी मिल रही है।
प्रतिभा मिश्रा, लुचुइयां, शोहरतगढ़
डीएम और सीडीओ का वाट्स ग्रुप बनाने का कार्य सराहनीय है। नए प्रधानों के साथ यह उनके लिए भी उपयोगी है, जो दूसरी बार चुने गए हैं, क्योंकि हर कोई विभागों की वेबसाइट पर जाकर शासनादेश नहीं पढ़ सकता है।
लालेंद्र चौधरी, दुभरा, मिठवल
मैं महिला प्रधान हूं। जरूरत से ही घर से बाहर जाती हूं। इस ग्रुप के माध्यम से मुझे से सारी जानकारियां घर बैठे मिल जा रही हैं। प्रधानों को अब ग्राम पंचायत सचिव और अन्य अधिकारी कर्मचारी भ्रमित नहीं कर सकेंगे।
अर्चिता त्रिपाठी, ककरहिया सघन, भनवापुर
जिला प्रशासन का वाट्स ग्रुप वाकई पाठशाला है। कोरोना काल में इस ग्रुप की प्रासंगिकता ज्यादा है। जब भी हमारा काम बाधित होगा तो इस ग्रुप में शिकायत कर सकते हैं, वैसे संबंधित अधिकारी के पास जाना पड़ता था।
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नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, सिसवा बुजुर्ग, जोगिया
जिले के प्रधानों से संवाद के लिए जूम एप और वाट्स ग्रुप को माध्यम बनाया गया है। इसके जरिए प्रधानों तक महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचाई जा रही हैं। निर्देश दिया हूं कि ग्रुप में आने वाली शिकायतों को संबंधित विभाग को भेजकर निस्तारण करा दी जाए ताकि गांव के विकास में कोई बाधा न आए।
दीपक मीणा, डीएम
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