दो सौ गांवों में जल्द मिलेगा शुद्ध पेयजल
126.47 करोड़ की लागत से 48 ग्रामीण पाइप पेयजल योजना पर चल रहा कार्य
मार्च तक पूर्ण होंगे जलनिगम के 40 परियोजनाओं के कार्य, दो लाख आबादी होगी लाभान्वित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत जिले में निर्माणाधीन 48 ग्रामीण पाइप पेयजल योजना में 40 के कार्य मार्च 2021 तक पूर्ण हो जाएंगे। इससे दो सौ गांवों के दो लाख से अधिक आबादी को जल्द ही शुद्ध पेयजल की सुविधा मुहैया हो जाएगी।
जल निगम की तरफ से वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के लोटन, बांसी, बर्डपुर, शोहरतगढ़, मिठवल, इटवा आदि क्षेत्रों में 126.47 करोड़ रुपये की लागत से 48 ग्रामीण पाइप पेयजल योजना पर कार्य शुरू कराया गया था। इन परियोजनाओं से जिले के 230 गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होनी है। नोडल ग्राम्य विकास विभाग की तरफ से कराए जा रहे कार्य में अब तक 25 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें 17 परियोजनाओं पर विद्युतीकरण कार्य पूर्ण कराकर संचालन शुरू करा दिया गया है। जबकि आठ परियोजना पर विद्युतीकरण कार्य चल रहा है। जल निगम के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र का कहना है कि मार्च 2021 तक 15 अन्य परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो जाएगा। इस तरह 40 परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो जाएंगे, जिससे दो सौ गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
टंकी के साथ बिछाई जाएगी पाइपलाइन
ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना के तहत संबंध गांव में पानी की टंकी स्थापित करने के साथ ही सभी घर तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के साथ ही टोटी लगायी जाएगी। प्रत्येक परियोजना से चार से छह गांव के लोग लाभान्वित होंगे।
तीन वर्ष से अधूरी पड़ी थीं योजनाएं
तीन वर्ष से अधूरी 48 परियोजनाएं अब जाकर पूर्ण हो रही हैं। इनमें आठ परियोजनाओं पर अभी तक 50 प्रतिशत कार्य ही हो सके है। शेष परियोजनाओं के कार्य 80 प्रतिशत से अधिक हो चुके हैं। इनमें कुछ परियोजनाओं पर निगम के लापरवाही से विद्युतीकरण कार्य में देरी की जा रही है।