मतदाता सूची में नाम जोड़ने-घटाने में गरमाई गांव की राजनीति
जिले के 670 गांवों में फर्जी नाम बढ़ाने की मिलीं शिकायतों की हो रही जांच
नाबालिग और बाहरी नाम जोड़ने की जांच के दौरान कई गांवों में बवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पंचायत चुनाव में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में दावे और आपत्तियाें के दौर में गांवों की राजनीति गरमा गई है। पंचायत चुनाव में बढ़त बनाने के लिए दावेदारों की तरफ से किए गए दावे और आपत्तियों की 670 गांवों में जांच के दौरान कई स्थानों पर बवाल होने के साथ ही तनाव बढ़ गया है।
पंचायत चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य अंतिम चरण में है। इसके तहत नाम बढ़ाने और नाम हटाने के दावे एवं आपत्तियां की गांवों में जांच चल रही है। मार्च के अंत तक चुनाव होने की संभावना के मद्देनजर दावेदारों के पास समय बहुत कम बचा है। इसलिए चुनाव में पहले से ही बढ़त बनाने को दावेदार मतदाता सूची में संशोधन करा अपने पक्ष के अधिक से अधिक नामों को जुड़वाने और विपक्ष के नामों को हटवाने के लिए पूरी ताकत लगा दिए हैं। ऐसे में जिले के सभी 14 विकास खंडों के कई गांवों में जांच के दौरान शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कई गांवों में दो निकायों में नाम होने की शिकायत तो कहीं पर नाबालिग के आधार कार्ड को स्कैन कर उम्र बढ़ाने का फर्जीवाड़ा कर नाम बढ़ाने की शिकायत मिली है। उसका ब्लॉक के छितरापार गांव निवासी लाल कुमार ने तहसीलदार नौगढ़ को दिए शिकायती पत्र में मतदाता सूची में दूसरे निकाय के निवासियों, नाबालिगों का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर 115 लोगों का फर्जी तरीके से नाम बढ़ाने का आरोप लगाया है। इसकी जांच के दौरान गांव में दो पक्षों में कहासुनी होने से तनाव व्याप्त है। इस संबंध में डीएम दीपक मीणा ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान जो आपत्तियां आ रहीं हैं जांच कराने के बाद उनका निस्तारण कराया जा रहा है। मतदाता सूची में किसी भी वोटर का नाम नहीं छूटे और फर्जी वोटर का नाम नहीं जोड़ा जाए, इसकी सख्त हिदायत सभी बीएलओ को दी गई है।
नाम काटने और मृतकों का नाम न हटाने का आरोप
नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत पकड़ी के टोला बरगदवा निवासी मथुरा प्रसाद, सविता गिरि, अर्चना गिरि, सहदेव चौरसिया, सीमा यादव, अजीत चौरसिया, शीला, जेपी चौरसिया, चंदन प्रताप आदि ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में मतदाता सूची से उनका नाम हटाकर पंचायत चुनाव में मतदान से वंचित किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीएलओ की लापरवाही से अभी तक मृतकों का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है।
बिना निवास जोड़ दिए 60 बाहरियों के नाम
मतदाता पुनरीक्षण के दौरान नौगढ़ ब्लॉक के ही सिसवां खुर्द गांव की तैयार की गई परिवर्धन सूची में 60 ऐसे नाम शामिल कर दिए गए हैं जो उस गांव के निवासी ही नहीं हैं। गांव के प्रधान महेंद्र लोधी का कहना है कि जो नाम परिवर्धन सूची में शामिल किए गए हैं उनका कहीं अता-पता नहीं है, यहां तक कि उस वर्ग के लोग ही इस गांव में नहीं हैं। इन लोगों का नाम कैसे शामिल किया गया, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाए।
बाहरियों के नाम शामिल करने का आरोप
इटवा। विकास खंड खुनियांव के ग्राम पंचायत भिटिया के टोला हिलंगीनानकार की मतदाता सूची में गोरखपुर, बांसी आदि जगहों के मतदाताओं का शामिल करने का आरोप लगाया गया। हिलंगीनानकार निवासी बालकेश्वर, रविदत्त दुबे, सुधीर, शिवशंकर दुबे, विजेंद्र पाल, आजम, वंशराज आदि ग्रामीणों ने तहसीलदार इटवा को दिए शिकायती पत्र में गोरखपुर और बांसी नगर निकाय की मतदाता सूची की प्रतिलिपि समेत दिए शिकायती पत्र में 56 बाहरी लोगों के नाम गांव की मतदाता सूची में शामिल किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है। तहसीलदार इटवा अरविंद कुमार ने कहा कि मामले की जांचकर कार्रवाई की जाएगी।