गांवों में बंटे 7575 कंबल, शहरी क्षेत्रों में एक भी नहीं
जरूरतमंदों में कंबल वितरित करने में निकाय प्रशासन नाकाम
कपिलवस्तु, इटवा, बिस्कोहर, भारतभारी, बढ़नी चाफा के लोग वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ठंड के मौसम में गरीब, असहायों को कंबल उपलब्ध कराने के लिए शासन से लगायत प्रशासन गंभीर है। राजस्व विभाग की ओर से अब तक 7575 कंबल वितरित किए जा चुके हैं। जबकि सभी निकाय क्षेत्रों में एक भी कंबल का वितरण नहीं हो सका है। कड़ाके की ठंड में डेढ़ माह बाद भी निकाय प्रशासन को खुले में रात गुजारने वालों को सुध नहीं आई।
बीते दिसंबर माह के पहले सप्ताह से ही ठंडक ने दस्तक दे दी। इसके बाद तहसीलों के माध्यम से राजस्व विभाग की ओर से बीते एक माह से कंबल वितरण का अभियान चलाया गया। प्रत्येक तहसीलों में 1515-1515 कंबल उपलब्ध कराए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी का वितरण भी किया जा चुका है। अब सवाल उठता है कि गरीब या असहाय सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देते हैं, शहरी क्षेत्र में नहीं। प्रशासन की ओर से भेजे जाने वाली दैनिक रिपोर्ट से अभी तक एक भी कंबल का वितरण नहीं होने का राज खुला। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर और बांसी, नगर पंचायत शोहरतगढ़, बढ़नी, डुमरियागंज, उसका बाजार प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा नवसृजित नगर पंचायतों कपिलवस्तु, इटवा, बिस्कोहर, भारतभारी, बढ़नी चाफा जैसे नए शहरी क्षेत्रों में भी कंबल का वितरण नहीं हो सका है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी, सीतराम गुप्ता ने नगर कहा कि निकायों में कंबल का वितरण अब तक क्यों नहीं किया गया है। इसके बारे में जांच-पड़ताल करेंगे। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बेहतर निकलीं संस्थाएं
निकाय प्रशासन की शिथिलता सामने उजागर हुई है। इनसे बेहतर तो जिले में संचालित कई स्वयंसेवी संस्थाएं निकलीं। इनकी ओर से गरीबों, असहायों के बीच अब तक 1913 कंबल का वितरण किया जा चुका है। बीते दिनों युवाओं की एक टीम ने एक दिन में 250 से अधिक कंबल वितरित किए।
नाराजगी झेल रहे सभासद
ठंडक के मौसम में प्रत्येक निकाय क्षेत्रों में उपलब्ध कंबल को सभासदों के बीच उपलब्ध कराया जाता था। वह जरूरतमंदों के बीच वार्डों में वितरण कराते थे। नवसृजित निकायों के छोड़कर अन्य में इस बार कंबल नहीं बंटा। एक सभासद का कहना था कि सिर्फ आश्वासन देना मजबूरी हो गई है।