बांसी। रतनसेन डिग्री कॉलेज बांसी में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन रविवार को स्वयंसेवक व स्वयंसेविकाओं ने श्रमदान किया। कार्यक्रम स्थल के पास कच्ची सड़क पर मरम्मत व साफ-सफाई का कार्य किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व को बताया गया।
बीएड विभाग के सहायक आचार्य आलोक दुबे ने व्यक्तित्व विकास पर उद्बोधन दिया और कहा कि व्यक्तित्व के विकास में सबसे महत्वपूर्ण चीज है, आत्म संज्ञान और स्वाध्याय। यह आपको अपनी शक्तियों, कमजोरियों, इच्छाओं और विश्वासों को समझने में मदद करता है और आपको अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद करता है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनीता त्रिपाठी ने कहा व्यक्तित्व विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षा के माध्यम से हम अपने व्यक्तित्व को इतना ऊंचा उठाएं कि हम विश्व की सर्वोच्च सत्ता के साथ एक रूप हो सकें। व्यक्ति के विकास की इस अवस्था को आत्म साक्षात्कार, आत्मबोध, आत्म अनुभूति की संज्ञा दी जाती है।
इस अवसर पर यतींद्र नाथ मिश्र, राजेश सिंह, नंद कुमार दुबे, सौरभ प्रताप सिंह, हरीराम, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।