बिस्कोहर। नगर के गोविंद नगर मधवापुर वार्ड में चल रही दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में पं. मोनू ने सृष्टि की रचना के प्रसंग का वर्णन किया। कहा कि पृथ्वी को पाताल लोक से लाने के लिए श्री हरि विष्णु ने वराह अवतार लिया। इसे सुन श्रद्धालु भाव विह्वल हो गए।
कथा व्यास ने कहा कि सबसे पहले भगवान श्री हरि विष्णु की नाभि से कमल के फूल पर बैठे ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई और भगवान श्री हरि विष्णु के आदेश के अनुसार ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की। उन्होंने मनु और सतरूपा की उत्पत्ति की। मनु और सतरूपा से पांच संतानें दो पुत्र और तीन कन्या हुईं। इसके बाद कहा कि एक दैत्य पृथ्वी को पातालपुरी ले गया और पृथ्वी को वापस लाने के लिए भगवान श्री हरि विष्णु ने वराह अवतार लिया। कथा में बिहारी जी के भजनों का सुंदर गुणगान हुआ। इस मौके पर हरिराम शर्मा, झिन्ना शर्मा, विष्णु, रामकुमार, राम अनुज शर्मा, पारसनाथ , पूरन शर्मा, माता प्रसाद आदि श्रोता मौजूद रहे।