संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तेज धूप व उमस से बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। आमतौर पर साधारण सर्दी-जुकाम और बुखार तक सीमित रहने वाला वायरल इस बार शरीर के अन्य अंगों विशेषकर लीवर को प्रभावित कर रहा है। इससे बुखार होने पर मरीजों को उल्टी-दस्त की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज उपचार करवाने आ रहे हैं। ऐसे में इनमें पेट दर्द, उल्टी, थकावट जैसी शिकायतें हो रही हैं। मौसम में उमस भरी गर्मी से लोग वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को ओपीडी में करीब 250 से अधिक मरीज पहुंचे।
सुबह से पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगी। चिकित्सक कक्ष के बाहर भी धक्का-मुक्की का नजारा दिखाई दिया। ज्यादातर मरीज वायरल बुखार से पीड़ित पहुंचे। कुछ मरीजों की ब्लड जांच में एलएफटी के एसजीपीटी व एसजीओटी लीवर एंजाइम का स्तर सामान्य से काफी अधिक देखा गया।
मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि मरीजों में पीलिया जैसे लक्षण, पेट दर्द, भूख में कमी, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे मरीजों की जांच कर लीवर पर प्रभाव का असर मिल रहा है। बुखार से पीड़ित मरीजों को लिवर की समस्या होना आम बात है, लेकिन वायरल को लंबे समय तक रहने से मरीजों को महीनों तक बीमारी का असर दिखाई दे रहा है।