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Siddharthnagar News: बांध में गैपिंग व रिसाव की आशंका से ग्रामीण दहशत में

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सोनखर गांव से बिथरिया गांव के समीप अधूरी पड़ी बैदौला से भड़रिया बांध। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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शाहपुर। बैदौला से भड़रिया तक जाने वाले बांध पर कहीं गैपिंग तो बांध रिसाव के चलते ग्रामीणों में दहशत है। बीते वर्ष बांध मरम्मत के नाम पर जिन स्थानों पर बांध निर्माण कार्य पूर्ण हुआ था। वहां बांध पर खेतों की मेढ़ जैसा बांध कर खानापूर्ति कर दी गई थी।
जो बेमतलब साबित हुई है। वहीं ग्राम पंचायत बहेरिया का राजस्व ग्राम धनुआ डीह उर्फ हजिरवा से बिथरिया के बीच अब भी गैपिंग बरकरार है। गैपिंग के रास्ते दर्जनों गांवों में हर वर्ष राप्ती नदी का पानी तबाही मचाता है।
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डुमरियागंज नगर क्षेत्र से गुजरने वाली राप्ती नदी के तट पर बने बैदौला से भड़रिया बांध पर अब भी कुछ स्थानों पर गैप भरे नहीं गए हैं। जिन स्थानों पर बांध पूर्व में बना था। रैन कट, रैट होल व बारिश के चलते बांध से मिट्टी बह गई थी। ऊंचाई के साथ साथ रैन कट, रैट होल भरने के लिए मिट्टी पटाई का कार्य जरूरी हो गया था। फिर भी अब तक इन स्थानों पर बाढ़ से बचाव के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किए गए हैं।
राप्ती का जल स्तर बढ़ने से सोनखर गांव के सरहद से बिथरीया गांव के समीप तक बांध पर बने गैप से कई गांवों में पानी घुस जाता है। वहीं बाढ़ आने पर जिम्मेदार हर वर्ष गैपिंग भरवाने का दावा करते हैं। बाढ़ खत्म होते ही वादा भूल जाते हैं। सोनखर गांव निवासी बुद्धिराम ने कहा कि हमारे गांव की सरहद से हजीरवा होते हुए विथरिया गांव के समीप तक बांध पर अभी भी गैप बरकार है। बाढ़ के समय इन्हीं रास्तों से पानी गांवों में घुसकर फसलों को तबाह करता है। गैपिंग निर्माण कार्य पूर्ण हो जाए तो बाढ़ से लोगों को बहुत राहत मिलेगी।
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बहेरिया गांव निवासी राजाराम ने कहा धनुआ डीह उर्फ हजिरवा गांव के बीच बांध नहीं बना है। बाकी लगभग बैदौला से सोनकर गांव के सरहद तक बांध बहुत पहले बन चुकी है। धनुआडीह उर्फ हजिरवा गांव से बिथरिया गांव के समीप करीब एक से डेढ़ किलोमीटर ही गैपिंग है। इतना बन जाए तो लोगों को बहुत राहत मिलेगी।
डुमरियागंज निवासी अल्ताफ ने कहा राप्ती नदी के कटान में हमारा करीब पांच बीघा का बाग व दो बीघा खेती योग्य जमीन कट कर राप्ती नदी में समा गया।
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