संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में पीएम सूर्य घर योजना की धीमी रफ्तार को देखते हुए अब इसे गति देने के लिए नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया गया है। डीएम ने योजना को सफल बनाने के लिए जिले के सभी 1136 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व पंचायत सहायक को इसका जिम्मा सौंपा है।
सरकार की मंशा के अनुरूप गांवों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की तैयारी थी। सरकारी प्रयासों के बाद भी जिले में सौर ऊर्जा का प्लांट लगवाने में वैसी रुचि नहीं दिखी, जिसकी उम्मीद प्रशासन ने की थी। इसकी का नतीजा रहा कि अब प्रशासन ने योजना से लोगों को जोड़ने के लिए, इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंप दी है।
प्रयोग सफल रहा तो जिले के गांव बिजली के बजाय सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। ग्राम प्रधान पीएम सूर्य घर योजना की जानकारी ग्रामीणों को देंगे और इससे होने वाले लाभ के प्रति उन्हें जागरूक भी करेंगे। इतना ही आवेदन करने के तरीके के साथ इस योजना से खुद को कैसे आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, इसकी जानकारी भी ग्रामीणों तक आसानी से पहुंच सकेगी।
डीएम ने ग्राम प्रधानों के साथ पंचायत सहायकों को भी पूरी जिम्मेदारी से योजना का लाभ लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। बता दें कि सौर ऊर्जा से एक ओर जहां लोगों को बिजली के बिल से निजात मिलेगी वहीं अधिक उत्पादन होने पर वह अपने प्लांट से सौर ऊर्जा को बिजली निगम को बेंच भी सकेंगे। पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवेदन करने वालों को 45 हजार से एक लाख आठ हजार तक अनुदान केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में भेजा जाएगा।
इस संबंध में डीएम डॉ. राजा गणपति आर. ने कहा कि योजना के प्रचार प्रसार व लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया गया है।