वैक्सीन : एक ही व्यक्ति को दो कंपनी के टीके, स्वास्थ्य की जांच करने पहुंचे डॉक्टर
- स्वास्थ्य निदेशालय भी हुआ सक्रिय, सीएमओ से तलब की पूरी रिपोर्ट
- एंटी बॉडी टाइटल हो तो पता चलेगा लोगों के शरीर पर क्या हुआ प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी।
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बढ़नी पीएचसी में 20 लोगों को 14 मई को दूसरे डोज में दूसरी कंपनी का टीका लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्वास्थ्य निदेशालय ने इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। उधर स्वास्थ्य विभाग ने भी बृहस्पतिवार को औदही कला गांव में टीम भेजकर उक्त सभी 20 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। अच्छी बात यह है कि सभी स्वस्थ हैं, किसी को कोई तकलीफ नहीं है।
दूसरा डोज दूसरी कंपनी का लगने का मामला सुर्खियों में आने के बाद सिद्धार्थनगर से लेकर लखनऊ तक अफसर सक्रिय हो गए। स्वास्थ्य निदेशालय ने सीएमओ से रिपोर्ट मांगी तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी पूरे घटनाक्रम का विवरण लिखते हुए रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट में बताया गया कि एक अप्रैल को पहले डोज में कोविशील्ड वैक्सीन का टीका लगाया गया था, जबकि दूसरे डोज में 14 मई को इन्ही लोगों को कोवैक्सीन का डोज दिया गया है।
उधर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को औदही कला गांव में घर-घर जाकर 20 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। गनीमत है कि किसी को कोई तकलीफ नहीं है, जबकि दूसरी डोज में दूसरी कंपनी का टीका लगने के बाद कोरोना संक्रमण के लिहाज से टीका कराने वाले के शरीर में कितनी एंटीबॉडी बनी, यह टेस्ट के बाद ही पता चलेगा। सीएमओ के मुताबिक इन मरीजों की सेहत पर नजर रखी जा रही है। उन्हें निदेशालय के निर्देश प्राप्त होने का भी इंतजार है। जिले में एंटीबॉडी टेस्ट की सुविधा नहीं है। एंटीबॉडी टाइटल के लिए लखनऊ या दिल्ली सैंपल भेजना पड़ेगा। जिन लोगों को टीके लगे हैं, उनमें भी यह जानने की उत्सुकता है कि दूसरी कंपनी के टीके का उनके शरीर पर कैसा प्रभाव पड़ा।
गांव में पहली बार हुई जांच
परसा। औदही कलां गांव में बृहस्पतिवार को एसीएओ डॉ. एस खान और बढ़नी पीएचसी के डॉ. वीके सिंह ने गांव में प्रभावित सभी 20 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इन लोगों से सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी के बारे में जानकारी के साथ पल्स, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि औदही कला गांव में जिन लोगों को दूसरी कंपनी का टीका लगा, उनकी सेहत पर पैनी नजर रखी जा रही है, जबकि टीकाकरण कराने वाली चंद्रावती, गोपाल प्रसाद, मो. इकराम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने आज पहली बार गांव में आई है, अलबत्ता ब्लॉक से फोन पर तबीयत की जानकारी ली गई थी। जांच टीम ने 19 मई को टीकाकरण कराने वाले लोगों के बयान भी लिए।
जिस दिन शुरू हुआ, उसी दिन गड़बड़ी
जिले में 14 मई को कोवैक्सीन कंपनी का टीका लगने की शुरूआत हुई। उसी दिन कोविशिल्ड के टीके की पहली डोज लगवाने वाले लोगों को दूसरा टीका कोवैक्सीन का लगा दिया गया। एक व्यक्ति ने विरोध किया तो लोगों ने नाराजगी व्यक्त की।
गुम है 50 डोज, डॉक्टर का तबादला
जांच के दौरान बढ़नी पीएचसी में कोविशील्ड के टीके के 50 डोज गायब मिले। इस मामले में प्रभारी आईओ शांती सिंह से टीके की कीमत 7500 रुपये वसूली के आदेश दिए गए हैं। जबकि अधीक्षक डॉ. वीके चौधरी का ट्रांसफर करते हुए शोहरतगढ़ सीएचसी से अटैच किया गया है। ड्यूटी में लगी चार नर्सों में कमलावती ने टीका लगाने में लापरवाही की थी, उसे निलंबित कर दिया गया है।
कोट
बढ़नी पीएचसी में 20 लोगों के टीकाकरण के दूसरे डोज में दूसरी कंपनी का टीका लगाने के मामले में स्वास्थ्य निदेशालय को सूचना भेज दी गई है। मरीजों की सेहत पर नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य निदेशालय केे निर्देश के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूसरी बार जांच की।
डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ