सिद्धार्थनगर। शहर के कांशीराम आवास के पास स्थित जर्जर पानी टंकी की सीढ़ी गिरने से एक किशोर की मौत और दो के घायल होने की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर निष्प्रयोज्य घोषित और जर्जर भवन व अन्य निर्माण कार्य को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में जीर्ण-शीर्ण निष्प्रयोज्य घोषित निर्मित स्ट्रक्चर में किसी तरह की दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे।
शहर के कांशीराम आवास के पास स्थित पानी टंकी पर चढ़े पांच किशोरों के उतरने के दौरान सीढ़ी टूटने से नीचे गिरे तीन किशोरों में एक की मौत हो गई थी और दो घायल हो गए थे। वहीं, सीढ़ी टूटने की घटना के बाद पानी टंकी पर फंसे दो किशोरों को उतारने के लिए घंटों चले रेस्क्यू का परिणाम नहीं निकलने पर सेना का मदद लेनी पड़ी। पानी टंकी पर इन दोनों को दूसरे दिन भोर में सेना के हेलीकाॅप्टर से सुरक्षित उतारा गया था। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि वर्तमान में शहर समेत पूरे जिले में विभिन्न विभागों के जर्जर भवन है, जिससे हर समय हादसे का खतरा रहता है। इनमें सिद्धार्थनगर जिले के सृजन के साथ ही शहर में कई सरकारी भवनों का निर्माण हुआ था। इनमें ऑफिसर्स कॉलोनी में निर्मित हो रहे कुछ भवन अधूरे रह गए थे, जो वर्तमान में जर्जर हो चुके है।