एक रुपये भेजकर लाखों का दिखाते थे ट्रांजेक्शन, ऑडिट में खुला करोड़ों का खेल, 21 पर प्राथमिकी
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट में दर्ज किया मामला
बिहार, झारखंड और कुशीनगर के रहने वाले हैं सभी आरोपी, पुलिस ने शुरू की जांच
गोरखपुर। शहर के रियल एस्टेट कारोबारी और शेयर मार्केट ब्रोकर विश्वजीत श्रीवास्तव की कंपनी से फर्जी यूपीआई स्क्रीनशॉट के जरिये करीब 24 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर गुलरिहा पुलिस ने 21 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सभी आरोपी बिहार, झारखंड और कुशीनगर के रहने वाले हैं।
आरोप है कि वर्ष 2023 में शुरू हुए इस खेल में आरोपियों ने गूगल-पे, फोन-पे और बैंक ट्रांजेक्शन के फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर कंपनी को गुमराह करते रहे। वित्तीय वर्ष के ऑडिट में जब खातों का मिलान हुआ तो फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
गुलरिहा थाना क्षेत्र के रेल विहार फेज-1 निवासी विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक, वर्ष 2023 में उनकी पहचान कुशीनगर निवासी सोनू जायसवाल से हुई थी। बाद में सोनू ने अपने रिश्तेदार शिवम जायसवाल से मुलाकात कराई। शिवम ने खुद को दिल्ली में कमीशन आधारित मार्केटिंग का अनुभवी कारोबारी बताया और दोनों कंपनी में एजेंट के रूप में काम करने लगे।
आरोप है कि दोनों ने मिलकर अलग-अलग लोगों से निवेश कराया और कंपनी के अकाउंटेंट हरिकेश प्रसाद को फर्जी ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट भेजे। इन्हीं स्क्रीनशॉट के आधार पर रकम कंपनी के खाते में जमा मान ली जाती थी, जबकि वास्तविक भुगतान नहीं होता था। जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल और लैपटॉप की मदद से फर्जी भुगतान रसीद तैयार करते थे। एक लाख रुपये भेजने के नाम पर सिर्फ एक रुपये खाते में ट्रांसफर किया जाता था। फिर फर्जी स्क्रीनशॉट बनाकर कंपनी को भेज दिया जाता था। इसी तरह एक लाख से लेकर दस लाख रुपये तक के फर्जी भुगतान दर्शाए गए।
पीड़ित के अनुसार, करीब तीन महीने तक लगातार इसी तरीके से ठगी की गई। जब ऑडिट में गड़बड़ी मिली तो आरोपियों से पूछताछ की गई। पहले उन्होंने आरोपों से इन्कार किया लेकिन दस्तावेज दिखाने पर रकम लौटाने का भरोसा दिया। इसके बावजूद रुपये वापस नहीं किए। स्थानीय पुलिस और एसएसपी से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट के आदेश पर गुलरिहा पुलिस ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।
कई राज्यों के लोगों पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप
प्रार्थनापत्र में बिहार, झारखंड, गोरखपुर और कुशीनगर के कई लोगों पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है। गोपालगंज निवासी सुदामा कुशवाहा और राहुल कुमार उर्फ मन्नू पर ढाई-ढाई करोड़ रुपये, जमशेदपुर निवासी विनोद प्रसाद पर 1.32 करोड़, अविनाश प्रसाद पर 1.55 करोड़ और कुशीनगर निवासी चंदन शर्मा पर 1.75 करोड़ रुपये के फर्जी स्क्रीनशॉट देकर धोखाधड़ी करने का आरोप है। इसके अलावा धीरज कुमार पर दो करोड़, डॉ. डीके शर्मा और सत्येंद्र मिश्रा पर 3.80 करोड़ रुपये की जालसाजी का आरोप लगाया गया है। वहीं नवीन श्रीवास्तव और प्रियंका श्रीवास्तव पर निवेशकों से करीब 82 लाख रुपये नकद मंगाकर निजी उपयोग में खर्च करने का आरोप है।