सूत्रों के मुताबिक, इसी बीच यूपी एसटीएफ को जानकारी मिली कि हत्याकांड में शामिल शूटर नेपाल में छिपे हो सकते हैं। टीम ने जाल बिछाया और कभी अतीक अहमद का करीबी और नेपाल में आपराधिक कार्य में लिप्त कारोबारी कयूम अंसारी, जो नेपाल के चंद्ररौटा में पेट्रोल पंप संचालक है, उससे तार जुड़ने की बात सामने आई।
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बृहस्पतिवार को यूपी एसटीएफ का एक दस्ता नेपाल से कयूम अंसारी को उठा लिया। पकड़ने वाली टीम में गोरखपुर और प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि इस मामले में जिले आला अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
कयूम अंसारी के अतीक अहमद से पुराने संबंध
पुलिस विभाग एक सीनियर अफसर के अनुसार कयूम अंसारी अपराधियों का शरणदाता रहा है। यहां से अपराध करके जाने वालों को वह शरण देता रहा है। उसके अतीक अहमद से पुराने संबंध रहे हैं। लगभग 10 वर्ष पहले मुंबई में हुई किसी घटना में भी उसका नाम आया था। तब मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ की मदद से उसे उठाया था। लेकिन कोई ठोस क्लू न होने के कारण उसे छोड़ना पड़ा था।
पूर्वांचल में कई बड़े अपराधी पैदा हुए। उनमें कुछ मारे गए तो कुछ अब भी जीवित हैं। जानकारों के मुताबिक, यहां अपराध करने वालों पर जब पुलिस का शिकंजा कसता था तो वे नेपाल में शरण लेते थे। कयूम अंसारी भी अपराधियों का शरणदाता रहा है।
तीन दिन नेपाल में रही टीम
बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने के बाद यूपी एसटीएफ की टीम तीन दिन नेपाल में रही। कयूम की सारी गतिविधियों पर नजर रखी थी। मौका मिलते ही उसे टीम ने उठा लिया। नेपाल के लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई इतनी जल्दी में हुई कि किसी को कोई पता नहीं चल सका। लोगों का कहना है कि कयूम का नेपाल में दबदबा है।
अपराधियों का नेपाल पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक
बताया जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड में कयूम के पकड़े जाने के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने कुछ शूटरों को सिद्धार्थनगर के रास्ते नेपाल में प्रवेश कराया है। हालांकि इसका कोई ठोस सुबूत नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो यह सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक कही जाएगी। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड के बाद हत्यारों को पकड़ने के लिए एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस दिन-रात एक किए है। सभी अलर्ट मोड में हैं। सोशल मीडिया पर अपराधियों की फोटो और वीडियो शेयर हो रहे थे। इसके बावजूद सिद्धार्थनगर जिले से नेपाल में प्रवेश हो गया और पुलिस उनको पहचान तक नहीं सकी।