संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। धूप के बीच उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज तेज रहा। तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। तेज धूप एवं उमस के कारण गर्मी का प्रकोप और बढ़ गया है। ऐसा मौसम बीमारियों का कारण भी बन रहा है, क्योंकि मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बृृृृृृृृृहस्पतिवार को तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। इसके बाद भी लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि उमस में अपनी सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। गर्मी में पानी की शरीर को बेहद जरूरत होती है। पसीना निकलने की वजह से शरीर में पानी की कमी होने लगती है।
इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखता है। ऐसे मौसम में कम से कम सात से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। ऐसे मौसम में अपने खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। तली चीजें व बाहरी खाना सेहत को खराब कर सकता है। घर पर ताजे भोजन का ही सेवन करें व मसालेदार वाली चीजों के सेवन से परहेज करें। बाहर निकलते वक्त चेहरे व हाथ-पैरों को ढक कर रखें। हल्के रंग के कपड़े पहनें व अधिक धूप में जाने से परहेज करें।
डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि उमस भरे मौसम में सिर दर्द, घबराहट, बेचैनी, उल्टी दस्त, गले में खराश, जुकाम व बुखार की समस्या हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होने से चक्कर आना या बेहोशी भी हो जाती है। पसीना ज्यादा आने पर बीपी लो हो जाता है व शरीर में शुगर की कमी भी हो जाती है। ऐसे में अपनी सेहत ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
अगर किसी व्यक्ति को काफी अधिक तकलीफ हो रही है तो कपड़े को पानी में भिगोकर चेहरे व सिर पर रखें, इससे काफी राहत मिलेगी। ताजे ठंडे पानी से अपना मुंह बार-बार धोते रहें। ठंडी जगह पर रहे व छाया में बैठकर ताजी हवा का आनंद लें।