संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। निजी अस्पतालों पर उठते सवाल और शोषण के मामले का संज्ञान लेते हुए तीन दिन से जांच जारी है। अब बड़ा मामला यह सामने आया है कि जनपद में 46 निजी अस्पताल बिना नवीनीकरण के चल रहे हैं।
11वें माह में नवीनीकरण होता है, जबकि 13 माह पूरा हो चुका है, और किसी ने इस दिशा में रुचि नहीं ली। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन्हें नोटिस जारी किया गया है। जल्द नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की तो अस्पताल पर ताला लग जाएगा। साथ ही लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
जनपद में अवैध रूप से अस्पतालों के संचालन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसमें एक सप्ताह के बीच पांच अस्पताल में गड़बड़ी और इलाज में लापरवाही, प्रसूता और नवजात की मौत, गर्भपात के लिए 30 हजार की रकम की मांग जैसे मामले सामने आए। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सीएमओ की ओर की ओर से गठित टीम ने जांच की।
अस्पतालों को सील करने के साथ ही नोटिस जारी किया गया। इसमें कुछ अस्पताल पंजीकृत तो थे, लेकिन नवीनीकरण का न होना पाया गया। जब आवेदन पोर्टल और अस्पतालों की फाइल पलटी गई तो पता चला कि समय से एक माह पूर्व यानी 11वें माह में लाइसेंस का नवीनीकरण होना था।
लेकिन, 13 माह पूरा होने को हैं, नवीनीकरण नहीं हुआ। जांच के दायरे में एक दो नहीं, बल्कि 46 अस्पताल आए हैं। सभी को नोटिस जारी किया गया है। जल्द से नवीनीकरण के लिए निर्देश दिया गया है। अगर नहीं हुआ तो जल्द ही ताला लटक जाएगा।
व्यवस्था एकाएक बेपटरी न हो जाए, इसलिए सभी को बंद नहीं करवाया गया है। लेकिन, कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है, इसमें कई पर ताला लगना संभव है।