सिद्धार्थनगर। खेसरहा थाना क्षेत्र के मीरवापुर गांव में मंगलवार को नाले में डूबकर दो मासूमों की हुई मौत के बाद पूरे गांव में शोक है। इस हादसे ने दो परिवारों के इकलौते वारिस छिन गए। बुधवार को भी गांव में हर ओर मातम पसरा रहा और लोगों की जुबान पर सिर्फ इसी घटना की चर्चा रही। देर शाम परिजनों ने गमगीन माहौल में दोनों मासूमों को दफना दिया।
क्षेत्र के मीरवापुर गांव के ग्रामीणों के अनुसार गांव के दक्षिण दिशा में लगभग दो सौ मीटर दूर स्थित नहर की हाल ही में सफाई कराई गई थी। सफाई के दौरान जेसीबी से किनारों की बड़ी मात्रा में मिट्टी निकाल दी गई, जिससे कई स्थानों पर नहर काफी गहरी हो गई।
बाद में उसमें पानी भर जाने से यह हिस्सा बेहद खतरनाक बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां गहराई अधिक होने के कारण गांव के लोग सामान्यतः जाने से भी बचते हैं। यह जानकारी बच्चों को नहीं थी।
बताया जाता है कि बच्चे खेलते हुए नहर की तरफ चले गए। इसमें बच्चे एक घर के अलग-अलग माता-पिता से थे। नील (6) के अचानक नहर में गिर जाने से आयुष (8) बचाने के लिए गया तो वह भी डूब गया। यह दृश्य देखकर चचेरा भाई रितेश चिल्लाते हुए घर पहुंचा। कुछ ही देर में परिजन सहित गांव के लोग व सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
गहरे पानी में लोगों ने डूबकर बच्चों के शव को निकाला। घटना के बाद पूरे गांव में शोक है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव पहुंचने वाले लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे रहे। दो बच्चों की मौत के अलावा दोनों घर में उनके अलावा एक-एक बेटी है। घर के वारिस के चले जाने से परिवार पर दुखों पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, एक साथ दो बच्चों की मौत ने परिवार को झकझोर दिया है। संवाद