सिद्धार्थनगर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी की अदालत ने प्राणघातक चोटें पहुंचाने और मारपीट के अपराध में तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने अशोक चौरसिया, संतोष चौरसिया और राजकुमार चौरसिया को साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना कोतवाली लोटन के ग्राम पोखरभिटवा निवासी श्रीचंद चौरसिया ने पुलिस को तहरीर दिया कि 25 मार्च 2020 को शाम 4 बजे वह ट्रैक्टर लेकर घर आ रहा था। उस समय उसके पड़ोसी रामनैन चौरसिया, अशोक, संतोष, राजकुमार एकराय होकर जोर से बोले कि इसे रोक लो और जान से मार दो। ऐसा कहते ही सभी लोग उसे ट्रैक्टर से खींचकर मारने-पीटने लगे। उसके शोर पर पिता काशीराम व माता गुलाबा आ गई तो वह सब उन्हें भी गाली व जान से मारने की धमकी देते हुए मारने-पीटने लगे। डायल 112 नंबर पर सूचना दिया तथा सीएचसी लोटन आए। यहां से तत्काल नौगढ़ भेज दिए।
पुलिस ने मारपीट, सार्वजनिक स्थल पर अपमानित करने व जानमाल की धमकी देने के अपराध में केस दर्ज किया और विवेचना के बाद प्राणघातक चोटें पहुंचाने के अपराध की धारा की बढोत्तरी करके न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया।
इसी दौरान रामनयन चौरसिया की मृत्यु हो जिससे न्यायालय ने उसके खिलाफ मामला समाप्त करते हुए शेष तीन अभियुक्तों का विचारण जारी रखा। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया। तीनों दोषियों को तीन साल कैद की सजा सुनाई।आ