डिकी तोड़कर नकदी उड़ाने वाले बरुआर गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार
- प्रदेश के अलावा जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में वारदात कर चुका है गिरोह
- गोंडा के निवासी हैं सभी सदस्य
- एसओजी और सदर पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान सनई के पास से पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डिकी तोड़कर रुपये उड़ाने वाले बरुआर गैंग के तीन बदमाशों को एसओजी और सदर पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार सुुबह सनई-पकड़ी मार्ग के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से नकदी और डिकी तोड़ने के उपकरण आदि बरामद किया। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस को दावा है कि पकड़ा गया गैंग, यूपी के अलावा जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में भी वारदात को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में उन्होंने यह बात स्वयं स्वीकार की है। पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया बाइक की डिकी तोड़कर रुपये लेकर भागने वाले गिरोह के सदस्य जिले में हैं, जो मुख्यालय पर आने वाले हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओजी प्रभारी जीवन त्रिपाठी ने कोतवाल सदर तहसीलदार सिंह की अगुवाई में संयुक्त टीम तैयार की। इसके बाद सनई- पकड़ी मार्ग पर वाहन चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान बाइक से तीन लोग आते दिखे, जो पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश करने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान रामजीआवन उर्फ लड्डू बरुआर निवासी माथेपुर खरहरी थाना वजीरगंज, अर्जुन उर्फ पोके निवासी बजौलियापुरवा थाना धानेपुर, रामस्वरूप बरुआर निवासी डुमरियाडीह थाना वजीरगंज जनपद गोंडा बताया है। उनके कब्जे से 38500 रुपये नकद, एक बाइक, डिकी खोलने के लिए चाबी का गुच्छा, पेचकस बरामद किया गया। पूछताछ करने के बाद तीनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पकड़े वाली टीम में शामिल पुरानी नौगढ़ चौकी प्रभारी चंदन, एसआई अमित कुमार, आरक्षी रमेश यादव, पवन तिवारी, अवनीश सिंह, राजीव शुक्ल, मृत्युंजय कुशवाहा को एसपी ने 20 हजार रुपये इनाम दिया है।
यहां कर चुके हैं वारदात
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने जनपद गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, बहराइच, महराजगंज, बाराबंकी, लखनऊ, वाराणसीए गाजीपुर, प्रयागराज, श्रावस्ती, अमेठी, सुल्तानपुर के अलावा यूपी से बाहर उत्तराखंड के हरिद्वार एवं जम्मू और कश्मीर में भी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पूछताछ में इनके द्वारा यह जानकारी दी गई। अन्य स्थानों से मुकदमें के बारे में जानकारी ली जा रही है। अब तक 20 स्थानों पर मुकदमा दर्ज होना पाया गया है।
जिले में 5.80 लाख रकम उड़ा चुका है गिरोह
पुलिस के मुताबिक इसी गिरोह के सदस्यों में 28 अक्तूबर को जिला अस्पताल गए व्यापारी के डिकी को तोड़कर पांच लाख रुपये उड़ा लिए थे। इसके अलावा शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दो वारदात को अंजाम देते हुए झोले में रखे 80 हजार रुपये पर हाथ साफ कर दिया था। इन मामलों में संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज है।
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सीसीटीवी कैमरे से निशाने पर आया गिरोह
गोंडा जनपद में बीते 30 नंवबर को इसी गिरोह ने नौ लाख रुपये एक व्यक्ति की कार से उड़ा दिया गया था। रुपये निकालने की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद थी। एसओजी को वह वीडियो और तस्वीर मिली थी। इसके बाद टीम इनकी धर पकड़ में लगी थी। जिले में आने के बाद इन्हें दबोच लिया गया।
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हाईटेक तरीके से करते थे वारदात
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह अब हाईटेक तरीके से अपराध करना शुरू कर दिया था। पुलिस के निशाने पर न आएं। इसके लिए घर पर ही मोबाइल से सभी सदस्यों से बात कर लेते थे। इसके बाद मोबाइल बंद के घर छोड़ देते थे। वारदात कर लौटने के बाद मोबाइल से सिम निकालकर दूसरा सिम फोन में लगा देते थे। जिससे कि पुलिस उन्हें फोन के जरिए ट्रेस न कर सके।
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रेकी कर वारदात को देते थे अंजाम
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों द्वारा बताया गया कि लोग गैंग बनाकर कस्बे एवं बैंकों के आसपास घूमते रहते हैं। जब कोई व्यक्ति बैंक से ज्यादा धन लेकर बाहर आता है तो उसकी रेकी करते हैं। जैसे ही उस व्यक्ति द्वारा लापरवाही बरती जाती है। अथवा वह गाड़ी छोड़कर कहीं दूर हटता है, उस गाड़ी की डिकी तोड़कर उसमें रखा धन निकल लेते हैं।