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रात की रोडवेज बस में कम सवार होते हैं यात्री

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जिला मुख्यालय स्तिथ रोडवेज बस स्टैंड। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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रात की रोडवेज बस में कम सवार होते हैं यात्री
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फरोडवेज डिपो में रात 7-30 बजे तक मिलती है लखनऊ की बस
सिद्धार्थनगर। प्रचार के अभाव में रोडवेज डिपो में रात 7:30 बजे लखनऊ के लिए शुरू हुई बस सेवा में यात्री बहुत कम मिल रहे हैं। घाटे से उबरने की कोशिश के तहत 15 दिन पहले ही रात की बस सेवा शुरू की गई है।
बड़ी मुश्किल से दोनों फेरा में 50 प्रतिशत लोड फैक्टर बन गया है। जबकि घाटे के कारण इस बस को भी बंद होने का तलवार लटक रहा है।
सिद्धार्थनगर बस डिपो में रात 7:30 बजे तक लखनऊ की बस मिल रही है। जबकि अन्य रूटों के लिए शाम 6 बजे के बाद बस नहीं मिलती। सिद्धार्थनगर डिपो में दस दिन से देर शाम लखनऊ के लिए बस रवाना हो रही है। इससे बस्ती के यात्रियों को सुविधा मिल जाती है। गोरखपुर के लिए शाम 6 बजे के बाद कोई बस नहीं है। सवारी नहीं मिलने पर बस रवाना होने में देर होने के कारण भी यात्रियों को असुविधा होती है।
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रोडवेज की बस जिस रूट पर घाटे में चल रही है, उसी पर निजी बसों में पर्याप्त सवारी मिल जाती है। गोरखपुर के राजेश कुमार ने बताया कि निजी बसों को चलने का समय निर्धारित है। जब उनका समय पूरा हो जाता है तो पीछे खड़ी दूसरी बस वाले आगे की बस को रवाना करा देते हैं, इस कारण निजी बस समय पर खुलती है और जल्दी पहुंचा देती है। जबकि रोडवेज की बस में 50 प्रतिशत सवारी भरने की गारंटी होने पर ही चलाई जाती है। कई बार आठ-दस सवारी होने पर बस निरस्त हो जाती है। वन विभाग कॉलोनी के गणेश कुमार ने कहा कि रोडवेज में सुरक्षा का गारंटी ज्यादा महसूस होती है।
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यात्रियों की सुविधा के लिए लखनऊ के लिए रात 7:30 बजे तक बस की सुविधा उपलब्ध है। फिलहाल इस बस में पर्याप्त सवारी नहीं मिल रही है। डिपो में बस शुरू होने की सूचना चस्पा की गई है। रात में यात्री मिलेंगे तो बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
जगदीश प्रसाद, एआरएम
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