संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के निधि सहित कई योजनाओं में बनाई गई पक्की सड़क मरम्मत के अभाव में लावारिस हो गई है। वर्षों से सड़क की गिट्टियां उखड़ जाने से राहगीरों के आवागमन गमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सड़क बनाने वाली अन्य कार्यदायी संस्था मरम्मत करने की जिम्मेदारी से इन्कार कर रही है। हर विभाग एक- दूसरे की बताकर पल्ला झाड़ ले रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों के सामने आवागमन को लेकर समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के महुआ कासडीह मार्ग पर पिपरा शिव मंदिर से निकल कर एक सड़क पिढ़िया गांव पर जाती है। इसकी दूरी डेढ़ किलोमीटर है। यह सड़क 2015 में सांसद निधि से बनाई गई थी। इस सड़क का मरम्मत कार्य अब तक नहीं हुआ। इस मार्ग से प्रतिदिन पिढ़िया गांव पर पिढेश्वर महादेव मंदिर पर क्षेत्र के काफी लोग पूजा करने जाते हैं।
तो वहीं गांव के लोगों को आने जाने के लिए यही एक रास्ता है। काफी दिक्कत होने के बावजूद इसी मार्ग से आना-जाना मजबूरी बनी हुई हैं। पिढेश्वरनाथ मंदिर के प्रबंधक अशोक त्रिपाठी ने बताया कि इसके मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी से कहा गया तो अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क अभी विभाग में चयनित नहीं है।
इसी तरह क्षेत्र के महुईनानकार से गुलरिहा जाने के लिए डेढ़ किलोमीटर की सड़क वर्षों पहले विधायक निधि से बनाई गई थी। मरम्मत के अभाव में सड़क पर सिर्फ पत्थर दिखाई दे रहा है, जबकि क्षेत्र के क ई गांव से छात्र छात्राएं इसी रास्ते से होकर पेड़ारी व कलनाखोर स्थित इंटर काॅलेज व महाविद्यालय में प्रतिदिन पढ़ाई करने जाते हैं। प्रधान हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि शिकायत करने पर पता चला कि यह सड़क भी किसी कार्यदाई संस्था में चयनित नहीं है। इसी तरह बसपा सरकार में चोरईताल को आंबेडकर गांव बनने के बाद कुड़जा उसका मार्ग से बिंद टोला ठड़वरिया गांव तक पक्की सड़क बनाई गई थी।
बताया जाता है कि मौजूदा समय तक इस सड़क का मरम्मत कार्य नहीं किया गया है। वहीं देउरी गांव से नहर तक व लमुईताल में बनाई गई सड़क निर्माण के बाद से कभी मरम्मत नहीं हुआ।