पकड़ा नहीं गया होता गिरोह का गुर्गा अजमत तो आसान नहीं था चोरी का खुलासा
घटना के बाद लोकल गैंग पर रहती है पुलिस की नजर
बांसी कोतवाली क्षेत्र के थुम्हवा गांव में पकड़ा गया था बरेली गैंग शातिर
सिद्धार्थनगर। एसओजी और बांसी कोतवाली पुलिस बरेली गैंग की एक महिला सहित चार चारों को पकड़कर भले ही पीठ थपथपा रही है, लेकिन असली हीरो की लोग हैं, जिन्होंने हिम्मत दिखाते हुए चोरी करने आए गिरोह के एक बदमाश को दबोच लिया। उसी से मिले सुराग के सहारे पुलिस बदमाशों के बारे में जानकारी हासिल की और उन्हें दबोच पाई।
ठंड के बढ़ने के साथ ही जनपद में चोरी, सेंधमारी सहित अन्य प्रकार के अपराध बढ़ जाते हैं। चोरी और लूट की घटना में पुलिस बाहर जांच करने और उनकी सुराग कसी करने के बजाए पुराने गैंग को टारगेट करती है। गोंडा के बरुआर गैंग, महराजगंज, बस्ती, बलरापुर जिले के पुलिस चोरों पर नजर रखती है। पुलिस का मानती है कि यहीं के लोग वारदात को अंजाम दिए हैं। पुलिस खुलासा भी कर देती है। पुलिस टीम यह सोंच भी नहीं रही थी कि 300 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके कोई गैंग आता है और रेकी करके चोरी की वारदात को अंजाम देकर निकल जाता है।
बांसी कोतवाली क्षेत्र के थुम्हवा गांव में दो घरों में चोरी और तीसरे में घुसने की कोशिश करते हुए ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और भाग रहे एक बदमाश को पकड़ लिया था। पकड़े गया बदमाश अजमती अली उर्फ दुलारे उसके बारे में जानकारी। उससे मिले क्लू के सहारे बदमाशों के गिरोह को पुलिस टे्रस कर पाई और २५ दिसंबर की रात बांसी कोतवाली क्षेत्र के बांसी-डुमरियागंज नहर से इसी गैंग के चार सदस्य शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी निवासी मोहल्ला एजाज नगर गौटिया थाना बारादरी जिला बरेली, सादिक अली, आलम और नसीबन पत्नी अजमत अली उर्फ दुलारे निवासी गढिय़ा पैगंबरपुर थाना हजरतपुर जिला बंदायू के रूप में हुई। शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी गैंग लीडर है जो बरेली से गैंग चलाता है। वह २५ हजार ईनामी भी है। बांसी पुलिस और एसओजी ने पकड़कर पीठ थपथपा लिया। अब लोग सवाल उठा रहे हैं जो पुलिस पुराने मामलों का खोल नहीं पाई है। हमेशा लोकल बदमाशोंं को पकड़कर किसी भी मामले का खुलासा कर देती है। वह इतना तेज कैसे हो जाएगी। पुलिस के लिए यह खुलासा टेढ़ी खीर था। दबाव बनता और पुलिस खोल देती।
गांव वाले भी हैरान
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की एक टीम पकड़े गए बदमाश से लोकेशन मिलने के बाद बदायूं और बरेली गई। यहां लोकल लोगों से बात हुई तो लोगों ने बताया कि यहां गांव के लोगों को दो वक्त की रोटा जुटाना मुश्किल है। जबकि यह लोग हर साल आशियाना बना रहे हैं। जबकि काम के नाम पर कोई रोजगार नहीं करते हैं। ऐसे में पुलिस का मानना है कि चोरी और लूट से अर्जित धन से मकान बनाते हैं और अन्य संपत्ति बनाते हैं।
पुलिस खंगाल रही कुंडली, करेगी गैंगस्टर की कार्रवाई
पकड़े गए बदमाशों की पुलिस कुंडली खंगालेगी। इनपर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के साथ ही अपराध से बनाई गई संपत्ति की वहां के स्थानीय प्रशासन की मदद से जांच करवाएगी। जिससे संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई भी की जा सके। पुलिस यह कार्रवाई, इसलिए करती है, जिससे किसी भी अपराध करने वाले गैंग की कमर तोड़ सके।
पकड़े गए बदमाशों की कुंडली खंगाली जा रही है कि वह कहां-कहां अपराध किए हैं। साथ ही इनके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
-अभिषेक कुमार अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक