संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। बिजली उपखंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में हुए 60 लाख रुपये के गबन के मामले की जांच शुरू कर हो गई है। प्रबंधक निदेशक विद्युत निगम ने दो सदस्यीय कमेटी गठित करके जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। मामले में तह तक जाने के लिए टीम ने कुछ दस्तावेज खंगाल रहे हैं।
घोटाला से पर्दा उठाने के लिए टीम कागजात का सत्यापन इस स्तर पर करना शुरू की है कि कितने उपभोक्ताओं ने किस तिथि में धनराशि जमा की है। कहीं उनसे भी तो अधिक धनराशि वसूल तो नहीं की गई है। साथ ही यह भी जानकारी ले रही है कि तैनात आराेपों में फंसे अधिकारी और कर्मचारियों का कार्य व्यवहार कैसे थे।
कहीं उनपर पहले भी कोई ऐसा आरोप उपभोक्ता या अन्य कोई लगाया था। वहीं, मांगें गए कुछ बिंदुओं के रिपोर्ट मिलने पर डुमरियागंज पुलिस भी पड़ताल तेज कर दी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो आरोपों की जद में आए अधिकारियों की गर्दन फंसना तय है। अगर जांच किया जाए तो पीछे भी गड़बड़ी की बात उजागर होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कुछ कागजात ऐसे हैं, जिनके सहारे कई लो लपेटे में आएंगे। हालांकि, निगम के अधिकार कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।
निलंबन के बाद बैठाई जांच : बिजली उपखंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में हुए 60 लाख रुपये के गबन के मामले डुमरियागंज डिवीजन के तत्कालीन एक्सईएन सहित चार लोगों को मामले में संलिप्ता और लापरवाही में निलंबित कर दिया गया था। वहीं, अब मामले में निलंबित पांच लोगों सहित सात लोगों की गबन में संलिप्ता की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। इसमें राजीव कुमार अग्रवाल मुख्य अभियंता वाणिज्य वाराणसी तथा दीपक कुमार वरिष्ठ लेखाधिकारी बिजली डिस्काम वाराणसी मुख्यालय है।
जो जांच कर एमडी बिजली निगम को रिपोर्ट सौंपेगे। वहीं, जांच प्रभावित न हो सके, इसके लिए निलंबित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को वाराणसी बिजली निगम कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अब मामले में एमडी ने दो सदस्यीय टीम गठित कर उक्त लोगों की गबन केस में संलिप्ता और लापरवाही की शिनाख्त / जांच कर एक माह के अंदर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही निलंबित टेक्नीशियन मनोज कुमार सहित तत्कालीन एक्सईएन राममूरत और अन्य को बिजली डिस्काम वाराणसी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जहां जांच टीम सभी आरोपियों से एक साथ गबन प्रकरण केस को लेकर गहनता से पूछताछ कर और उनके बयान दर्ज करेगी।