आंदोलन के पांचवें दिन धीमी रही ट्रेनों की गति
भीमापार रेलवे क्रॉसिंग पुलिस छावनी में हो गई थी तब्दील
समाजवादी पार्टी व अन्य संगठनों के लोगों ने जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ओवरब्रिज निर्माण के बाद बंद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग को खोलने के लिए शहर के प्रमुख संगठनों के लोगों ने सोमवार को लगातार पांचवें दिन प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी व अन्य संगठनों के लोगों के प्रदर्शन के दौरान रेलवे क्रॉसिंग पुलिस छावनी के रूप में नजर आई। सतर्कता के कारण इस दौरान ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी कर दी गई थी। प्रदर्शन ठप हुआ तो नौगढ़ रेलवे स्टेशन से पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर को सूचना देकर काशन हटाया गया।
रेलवे क्रॉसिंग के सामने प्रदर्शन के दौरान पुलिस और रेलवे पुलिस के जवान मौजूद थे। रेलवे के अधिकारी इस आंदोलन की खबर से रूबरू होते रहे। आंदोलन को देखते हुए गोरखपुर-गोंडा वाया बढ़नी रेलखंड पर पड़ने वाली इस क्रॉसिंग के आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनों की गति कम कर दी गई थी। नौगढ़ रेलवे स्टेशन के अधीक्षक डीके यादव ने बताया कि सतर्कता के कारण काशन लिया गया था ताकि रेल चालक इस क्षेत्र में रफ्तार धीमी रखे।
तैनात रही कई थानों की पुलिस
सोमवार को कई गांव के लोगों के आंदोलन की सूचना के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। कानून व्यवस्था बिगड़ने न पाए इसके लिए रेलवे लाइन के दोनों तरफ फोर्स लगा दी गई थी। सदर के अलावा ढेबरुआ, त्रिलोकपुर, जोगिया, बांसी, इटवा, उसका, लोटन सहित अन्य थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। साथ ही सीओ सदर राणा महेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। ट्रैक के दोनों के तरफ पुलिस फोर्स लगा दी गई थी। सपा सहित अन्य संगठन के लोगों को समझाकर पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट ले जाकर ज्ञापन दिलाया।
50 हजार आबादी प्रभावित
क्रॉसिंग को बंद करने से क्षेत्र के 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो रही है। इस क्षेत्र में बच्चों के कई बड़े-बड़े स्कूल, अस्पताल हैं। क्रॉसिंग बंद कर देने से ओवर ब्रिज के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। मार्ग बंद होने से स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों, गरीब मजदूर, साइकिल, ठेला और रिक्शे वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सपाइयों ने किया प्रदर्शन
पूर्व की स्थिति बहाल करने के लिए सपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक विजय पासवान की अगुवाई में प्रदर्शन किया। इस दौरान बंद करने के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को मांगपत्र सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर रेलवे क्रॉसिंग को नहीं खोला गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज बनने के बाद क्रॉसिंग बंद कर दी गई है। इस क्षेत्र में बड़े विद्यालय, अस्पताल व अन्य संस्थान है। क्रॉसिंग बंद होने के कारण लोगों को करीब दो-तीन किमी दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की काफी आबादी क्रॉसिंग बंद होने से प्रभावित है। रेलवे क्रॉसिंग के स्थान गड्ढा खोद दिया गया है जो हादसे का कारण बन सकता है।
नागरिकों ने भी सौंपा मांगपत्र
भीमापार रेलवे क्रॉसिंग बंद करने के विरोध में अनुराग की अगुवाई में क्षेत्रवासी डीएम दीपक मीणा से मिले। सभी ने बहाल करने का अनुरोध किया। विजय प्रताप, धर्म प्रकाश, मनोज कुमार, विमल, कल्लू, गंगाराम, किशोरी, चंद्र प्रकाश, राजेश श्रीवास्तव, मगन श्रीवास्तव के हस्ताक्षर थे।
ज्ञापन देकर गेट खोलने की मांग
सिद्धार्थनगर। भीमापार रेलवे क्रॉसिंग खोले जाने की मांग के समर्थन में श्यामनरायन मौर्य, राजू सिंह, जयंत पांडेय, विजय सिंह, रमाकांत सिंह सहित कई लोगों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। समस्या से अवगत कराते हुए बंद रेलवे क्रॉसिंग को खोले जाने की मांग की।