सिद्धार्थनगर। नगर में पार्किंग और वाहनों के लिए तय रूट न होने से हमेशा जाम के हालात बने रहते हैं। इसमें स्टेशन रोड और बर्डपुर रोड पर सबसे अधिक समस्या है। अगर एक वाहन मुड़ने लगे तो देखते ही देखते ई-रिक्शा की लंबी कतार लग जाती है, जिससे लोगों को निकलने में बड़ी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। लगातार बढ़ते ई- रिक्शा पर नियंत्रण और रूट तय करने की कार्य योजना तो बनी थी, लेकिन वह धरातल पर नहीं उतरी। नतीजा शहर के लोगों के साथ ही बाहर से मुख्यालय आने वालों को जाम की गिरफ्त में फंसकर परेशान होना पड़ रहा है। कई बाद टक्कर लगने से हादसे के साथ ही आए दिन कहासुनी और विवाद भी होता है।
नगर का दायरा बढ़ने के साथ ही आबादी और दुकानों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। नगर के बीचों- बीच से होकर गोरखपुर-गोंडा रेलमार्ग होने के कारण दिनभर में 12 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है, जिसकी वजह से शहर हर घंटे स्थिर हो जाता है। इससे फिर शुरू होने में पांच से 10 मिनट का वक्त लगता है। आबादी के साथ निजी वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। इसके साथ ही नगर में हर दिन 10 नए ई- रिक्शा के बाजार में उतरने से स्थिति और भयावह बन गई है। आंकड़ों के मुताबिक पांच किलोमीटर के दायरे में फैले शहर में 300 से अधिक ई-रिक्शा चल रहे हैं। शहर में हर 20 मीटर पर एक ई- रिक्शा जरूर दिख जाएगा।
एक सवारी लिए वह बिना डरे भीड़ में घुसते हुए चले जाएंगे। स्टेशन रोड, बर्डपुर मार्ग, बांसी स्टैंड, अशोक मार्ग और साड़ी तिराहा चार ऐसे स्थल जहां हमेशा ई- रिक्शा लगा रहता है, जिससे कई बार जाम की समस्या बन जाती है। शहर में एक साथ कई ई-रिक्शा के आ जाने के बाद स्टेशन रोड, बांसी तिराहा और सिद्धार्थ के पास जाम हो जाता है। इसके प्रकार तहसील मोड, थाना मोड पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है। इस जाम के हालात से निपटने और शहर में सुगम आवागमन के लिए नगर पालिका और प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से रूट प्लान तैयार करके नंबर करते हुए तय रूट पर संचालन की योजना थी लेकिन ई-रिक्शा की तादाद बढ़ती जा रही है लोग जाम में पिस रहे हैं। योजना धरातल के बजाय तैयारी तक सिमटकर रह गया।
नगर निवासी शाहिद कहते हैं कि नगर में चार अवैध रूप से स्टैंड चल रहे हैं, लेकिन रूट तय नहीं हो पा रहा है। ई-रिक्शा के कारण हमेशा जाम की स्थिति बनती है। कई बार बच्चों को दोपहर में विद्यालय से लाते समय फंस जाने पर बढ़ी परेशानी होती है। नगर के ही निवासी दीपक ने कहा कि बर्डपुर मार्ग और स्टेशन रोड पर तो बड़ी समस्या है। अगर रोडवेज या फिर स्टेशन जाना है तो जाम में फंसने के बाद ट्रेन छूट ही जाएगी। इन दोनों मार्ग पर तय संख्या में ही टेंपो और ई-रिक्शा को अनुमति मिले और संचालन हो तो सही रहेगी। इसमें प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
इस संबंध में ईओ नगर पालिका सिद्धार्थनगर अजय कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही प्रशासन, पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीम के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करके रूट तय किया जाएगा।
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अचानक सामने आने से हादसे के शिकार हो रहे लोग
नगर में ई- रिक्शा की संख्या बहुतायत होने के कारण एक-एक सवार और मामूली सामान लेकर मोहल्ले में लोगों के घरों तक पहुंचाने का काम करते हैं। लेकिन, चलते-चलते यह कब मोहल्ले से निकल जाएं और आप टकरा जाएं कोई गारंटी नहीं है। एमआर का काम करने वाले राकेश मिश्र ने बताया कि वह दोबार चोटिल हो चुके हैं। एक बार तो बर्डपुर रोड पर जा रहे थे, अचानक गली से आकर ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। बाइक लेकर गिर गए और काफी चोटें आईं। वहीं, नगर के निवासी इंद्रजीत ने बताया कि उनकी दुकान है। लगातार बाइक से चलते हैं। पर ई-रिक्शा के कारण कई बार चोट खा चुके हैं। इसमें कभी सामने से टक्कर लग गई तो कभी तेजी में पीछे से आकर मार दी। इसके अलावा आए दिन नगर में टक्कर लगने से तकरार होने की बात सामने आती रहती है। इस पर लगाम लगाने की जरूरत है।