भ्रमणशील एवं संसाधन अध्यापकों की रविवार को मुख्यालय पर दस दिवसीय बहु दिव्यांगता प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। प्रशिक्षकों ने शिक्षा में दिव्यांग छात्रों के शिक्षण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने के गुर बताएं।
बीएसए अजय कुमार सिंह ने कहा कि दिव्यांगता क्षेत्र शैक्षिक दृष्टि से काफी पीछे है। इसमें सुधार लाने के लिए काफी प्रयास करना होगा। शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षक पूरे मनोयोग से कार्य करे कि दिव्यांगों को उनकी पहचान मिल सके।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा नागेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की जरूरत है। भ्रमणशील संसाधन अध्यापकों के लिए दस दिवसीय बहु दिव्यांगता प्रशिक्षण कार्यशाला 11 मार्च से बीआरसी पुरानी नौगढ़ में संचालित किया जा रहा है।
इसमें श्रवण, दृष्टि बाधित एवं मानसिक मंद बच्चों के शैक्षिक व्यवस्था के तहत उन्नतिशील बनाने के गुर बताए गए। समय-समय पर विशेषज्ञों की टीम ने भी अनुभव के आधार पर शिक्षा देने की प्रक्रिया को बताया। इस दौरान राघवेंद्र प्रताप मिश्र, चित्ररेखा मिश्रा, अनुराधा पांडेय, राकेश चौधरी, सुषमा पांडेय, सरित श्रीवास्तव, विनोद मिश्रा, अंजनी सिंह, महेंद्र कुमार मौर्य, रामनाथ, गणेश कुमार आदि मौजूद रहे।